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    Sarthak tiwari/सार्थकः तिवारी Public
    १२/१२/२०२५, ९:२४:४४ अ (12/12/2025, 9:24:44 PM)
    सर्वेषां धर्माणां मध्ये शाक्तधर्मः परो मतः। यस्मिन् स्थिताः सिध्यन्ति ब्रह्मविष्णुमहेश्वराः॥ वैदिकं वैष्णवं शैवं गाणपत्यं च सर्वशः। शाक्ते संस्थाप्य सिध्यन्ति तस्माच्छाक्तं परं स्मृतम्॥ ब्रह्मा विष्णुश्च रुद्रश्च यस्याः शक्त्या प्रवर्तते। तां विना न प्रवर्तन्ते किमन्यद्बहुभाषितम्॥अर्थ: "सभी धर्मों के बीच शाक्तधर्म परम माना गया है। जिसमें स्थित होकर ब्रह्मा, विष्णु और महेश्वर सिद्ध होते हैं। वैदिक, वैष्णव, शैव, गाणपत्य - सभी शाक्त में स्थापित होकर सिद्ध होते हैं, इसलिए शाक्त परम स्मरण किया गया है। ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र जिसकी शक्ति से प्रवर्तित होते हैं, उसके बिना कुछ भी प्रवर्तित नहीं होता, और क्या बहुत कहना?"
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