🏠 Home community icon Community 🔍 Search 📚 eBooks
notification icon 0 Notifications
Notifications
    💬 Messaging WhatsApp icon Group YouTube icon YouTube

    Sarthak tiwari/सार्थकः तिवारी Public
    १२/१२/२०२५, ९:३०:१३ अ (12/12/2025, 9:30:13 PM)
    दुर्गाचरणाम्बुज निर्भर भक्तः, संसारादचिराद्भव मुक्तः।सेन्द्रियमानस नियमादेवं, द्रक्ष्यसि निज हृदयस्थां दुर्गाम् ॥३१॥
    हिन्द्यर्थ: दुर्गा के चरणकमलों का आश्रय लेने वाला भक्त शीघ्र ही संसार से मुक्त हो जाता है। इस प्रकार इंद्रिय और मन को नियमित करके अपने हृदय में स्थित दुर्गा को देखोगे ॥३१॥
    Comment
    Views ५७.७ सह.
    Delete
    1 comments
    Profile pic
    आयुःPrivate
    १/४/२०२६, ३:५६:२६ अ (1/4/2026, 3:56:26 PM)
    ध्यानयोगन दृष्टान्तः सत्यमेव । दुर्गायाः करुणानुसारैव सत्यं लेखसि तु सा दर्शयसि कस्मिन्श्चित् स्थाने भक्तान्।
    DislikeCommentDelete
    लेखं लिखतु (Write a post)... ✏️

    यहाँ जो कुछ भी आप चाहें संस्कृत या विभिन्न भाषाओं में लेख​/पोस्ट करें। कृपया संस्कृत को प्राथमिक भाषा रखें ताकि दूसरों को सीखने और अभ्यास करने में सहयोग हो सके। आप प्रश्न पूछ सकते हैं, अपना ज्ञान साझा कर सकते हैं, या बस नमस्ते कह सकते हैं। कृपया संस्कृत के लिए देवनागरी में लिखें।

    Post anything you want here in Samskrit or multiple languages. Please keep Samskrit as the primary language so that others can learn and practice. You can ask questions, share your knowledge, or just say नमस्ते. Please write in Devanagari for Sanskrit.

    ...↓