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    Prema Shree Public
    १२/१३/२०२५, ७:०२:१५ पू (12/13/2025, 7:02:15 AM)
    ​🐘 श्री गणेश मंत्र (वक्रतुण्ड महाकाय) ​
     
    वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। ​
    निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ ​

    मंत्र का सरल हिंदी अर्थ ​

    • वक्रतुण्ड: घुमावदार सूंड वाले (भगवान गणेश)। ​
    • महाकाय: विशाल/विराट शरीर वाले।
    • सूर्यकोटि समप्रभ: करोड़ों सूर्यों के समान तेज वाले। ​
    • निर्विघ्नं कुरु मे देव: हे देव! मेरे कार्यों को विघ्न रहित (बिना बाधा के) कर दीजिए। ​
    • सर्वकार्येषु सर्वदा: सभी कार्यों में, हमेशा। ​

    अर्थ: हे घुमावदार सूंड वाले, विशाल शरीर वाले, और करोड़ों सूर्यों के समान तेज वाले भगवान, मेरे सभी कार्यों को हमेशा बाधा रहित (सफल) करें।
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    2 comments
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    Akash upraityPublic
    १२/१३/२०२५, १२:०१:२३ अ (12/13/2025, 12:01:23 PM)
    भगवान गणेश की स्तुति है, जिसमें उनसे प्रार्थना की गई है कि वे अपने असीम तेज और करुणा से साधक के सभी कार्यों को सदा निर्विघ्न और सफल करें
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    Dr. Rahul MaityPublic
    २/२४/२०२६, ११:०४:५८ पू (2/24/2026, 11:04:58 AM)
    अत्र कोटिशब्दः संख्यार्थे न ग्राह्यः। कोटिशब्दः इवार्थे प्रयुक्तो वर्तते। अर्थात् सूर्यः इव प्रभा यस्य।
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