तादृशीं भक्तिं देवि प्रयच्छ ममोपरि कृपया।
सर्वदोषहरा शुद्धा सात्त्विका निर्मला शिवा।
एषा भक्तिः मयि स्थिता भवतु तवानुग्रहात्॥
अर्थ:
जिस भक्ति से आपकी सेवा करूँ, जिस प्रेम से स्तुति करूँ -
हे देवी! ऐसी भक्ति मुझ पर कृपया प्रदान करो।
सभी दोषों को हरने वाली, शुद्ध, सात्त्विक, निर्मल, कल्याणकारी -
ऐसी भक्ति आपकी कृपा से मुझ में स्थित हो।