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    आकाश आर्य: Public
    ५/९/२०२६, ११:५३:०५ पू (5/9/2026, 11:53:05 AM)
    एकावली अलंकार
    लक्षण -
    स्थाप्यतेsपोह्यते  वापि यथापूर्वं परं परम्।
    विशेषणतया वस्तु यत्र सैकावली द्विधा।।
    अर्थात् -
    जहां पूर्व - पूर्व कथन के विशेषण रूप में उत्तरोत्तर कथन का विधान हो वहां एकावली अलंकार होता है।
    उदाहरण -
    निरत्ययं साम न दानवर्जितं,
    न भूरि दानं विरहय्य सत्क्रियां।
    प्रवर्तते तस्य विशेषशालिनी 
    गुणानुरोधेन विना न सत्क्रिया।।
    Comment
    Views १५.७ सह.
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    2 comments
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    Prema ShreePublic
    ५/१०/२०२६, ८:२१:०३ पू (5/10/2026, 8:21:03 AM)
    किञ्चित् अन्यत् उदाहरणम् अस्ति वा?
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    1 replies
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    आकाश आर्य:Public
    ५/१०/२०२६, ९:३७:१३ पू (5/10/2026, 9:37:13 AM)
    क्षम्यताम्
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    KajalPublic
    ५/१४/२०२६, ११:०७:४४ पू (5/14/2026, 11:07:44 AM)
    स्पष्टं विवरणम्।
    DislikeCommentDelete
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