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    Hareshkumar Lakhani Public
    ५/३०/२०२६, २:२३:०२ अ (5/30/2026, 2:23:02 PM)
    सुभाषितम्

    कोऽतिभारः समर्थानां किं दूरं व्यवसायिनाम्।
    को विदेशः सविद्यानां कः परः प्रियवादिनाम्॥
    (हितोपदेश, सुहृदभेद्,१३)

    जो समर्थ हैं उनके लिये अति भार क्या है? व्यवसायी के लिये दूर क्या है? विद्वानों के लिये विदेश क्या है? और जो प्रिय बोलने वाले लोग हैं उनके लिये भला पराया कौन?

    षष्ठी विभक्तिः ।

    • संबंध में षष्टि विभक्ति होती है। 
    यथा छात्रस्य पुस्तकम्। मृत्तिकायाः घटः। 
    निम्नलिखित शब्दों के योग में षष्टि विभक्ति होती है।
    १. कृते (लिए) - बालकस्य कृते जलम् आनय। 
    २. हेतुः (कारण) - कस्य हेतोः अस्य उत्सवः?
    ३. समक्षम् (सामने) - गुरोः समक्षम् उच्चैः मा वद। 
    ४. मद्धे (बिचमें)- हंसानां मध्ये बकः न शोभते। 
    ५. अन्तः - अतिथिः गृहस्य अन्तः प्रविष्टवान्। 
    ६. दूरं - किं दूरं व्यवसायिनाम्। 
    ७. अनादरम् - कस्यापि अनादरम् मा कुरु। 

    दिशा सूचक शब्दों के योग में षष्टि विभक्ति होती है।
    ८. ग्रामस्य पूर्वतः नदी प्रवहति। 
    ९. वृक्षस्य अधः श्रमिकः शैते। 
    १०. भवनस्य उपरि वानरः अस्ति। 
    ११. गृहस्य पुरतः निम्ब वृक्षः अस्ति। 
    १२. अनेक में एक का निश्चय करने में षष्ठी एवं सप्तमी दोनो विभक्तियां होती है। 
    यथा - मोहनः वीराणां/ विरेषु वा महावीरः अस्ति। 
    - कवीनां/कविषु वा कालिदासः श्रेष्ठः। 

    अस्तु 🙏 शुभ दिनम् 🙏
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    Views ३.२ सह.
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    3 comments
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    Prema ShreePublic
    ५/३०/२०२६, ३:३६:१० अ (5/30/2026, 3:36:10 PM)
    धन्यवादः, व्याकरणं सुबोधम्।
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    अरुणःPublic
    ५/३०/२०२६, ७:२२:४५ अ (5/30/2026, 7:22:45 PM)
    षष्ठी विभक्तिः स्पष्टा जाता।
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    तिरुपति रावःPublic
    ५/३०/२०२६, ८:३०:२८ अ (5/30/2026, 8:30:28 PM)
    अत्युत्तम 🙏 भिन्नं विभक्तिं कथयतु।
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