श्रुत्वा ज्ञानमवाप्नोति श्रुत्वा मोक्षमवाप्नुयात्॥
----
मनुष्य शास्त्रों को सुनकर धर्म के अभिप्राय को जान जाता है, सुनकर अपने कुमार्ग (कुबुद्धि) को त्याग देता है, सुनकर ज्ञान प्राप्त करता है और शास्त्रों तथा गुरु वचनों पर विश्वास कर संसार से छुटकारा पाकर मोक्ष प्राप्त करता है।