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    Dr. Mahima Shukla Public
    १०/६/२०२५, ४:०५:५५ पू (10/6/2025, 4:05:55 AM)
    हि प्रीति-रीतियुक्तं च जीवनं जीवनं खलु। 
    मानव! त्वं तयोः रिक्तः किं कुर्याः किं न कुर्याः वा ॥
                             डॉ महिमा शुक्ला 
     हिन्दी अर्थ-
     निश्चय ही जो जीवन प्रेम (प्रीति) और नीति (सदाचार/रीति) से युक्त है, वही सच्चा जीवन कहलाता है। हे मनुष्य! यदि तू इन दोनों (प्रेम और नीति) से रहित है, तो ऐसे जीवन का तू क्या करेगा? चाहे उसे जिये या न जिये उसका कोई महत्व नहीं है।

    संक्षेप में: प्रेम और नीति से ही जीवन सार्थक है। इनके बिना जीवन केवल श्वासों की गिनती है, सच्चा जीवन नहीं।
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    आकाश कुमार | Akash KumarPublic
    १०/६/२०२५, ७:३७:२४ पू (10/6/2025, 7:37:24 AM)
    प्रेरणादायक विचार 🌸
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    Dr. Mahima ShuklaPublic
    १०/७/२०२५, ३:२२:२० पू (10/7/2025, 3:22:20 AM)
    संशोधितम्

    प्रीतिरीतिश्चयुक्तं हि जीवनं जीवनं खलु।
    मानव! त्वं तयोः रिक्तः किं कुर्याः किं न कुर्याः वा ।।१।।
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    Dr. Rahul MaityPublic
    २/१०/२०२६, ८:५३:४८ अ (2/10/2026, 8:53:48 PM)
    भवत्या लिखितः श्लोकः वा।
    उत्तमः प्रयासः तर्हि।
    कश्चित् सन्देहः अस्ति -

    तयोः रिक्तः - इत्यत्र रिक्तः कं प्रति विशेषणं भवति।
    किञ्च विना इत्यर्थे तृतीयया भाव्यमिति मन्ये, तथा सति ताभ्यां रिक्तमिति वरम्।
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    SanskritKalp SupportPublic
    १/१६/२०२६, १०:४९:३८ पू (1/16/2026, 10:49:38 AM)
    स्नेहशून्यं जीवनं केवलं अस्तित्वम् अस्ति, जीवनं न।
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