संस्कृत धातुरूप - कठ् (Samskrit Dhaturoop - kaTh)
कठ्
अर्थः (Hindi): कष्ट से जीवन बिताना
Meaning (English): to drag on the days of life, to live in distress
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कठति | कठतः | कठन्ति |
| मध्यमपुरुषः | कठसि | कठथः | कठथ |
| उत्तमपुरुषः | कठामि | कठावः | कठामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चकाठ | चकठतुः | चकठुः |
| मध्यमपुरुषः | चकठिथ | चकठथुः | चकठ |
| उत्तमपुरुषः | चकठ, चकाठ | चकठिव | चकठिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कठिता | कठितारौ | कठितारः |
| मध्यमपुरुषः | कठितासि | कठितास्थः | कठितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | कठितास्मि | कठितास्वः | कठितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कठिष्यति | कठिष्यतः | कठिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | कठिष्यसि | कठिष्यथः | कठिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | कठिष्यामि | कठिष्यावः | कठिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कठतात्, कठताद्, कठतु | कठताम् | कठन्तु |
| मध्यमपुरुषः | कठ, कठतात्, कठताद् | कठतम् | कठत |
| उत्तमपुरुषः | कठानि | कठाव | कठाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकठत्, अकठद् | अकठताम् | अकठन् |
| मध्यमपुरुषः | अकठः | अकठतम् | अकठत |
| उत्तमपुरुषः | अकठम् | अकठाव | अकठाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कठेत्, कठेद् | कठेताम् | कठेयुः |
| मध्यमपुरुषः | कठेः | कठेतम् | कठेत |
| उत्तमपुरुषः | कठेयम् | कठेव | कठेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कठ्यात्, कठ्याद् | कठ्यास्ताम् | कठ्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | कठ्याः | कठ्यास्तम् | कठ्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | कठ्यासम् | कठ्यास्व | कठ्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकठीत्, अकठीद्, अकाठीत्, अकाठीद् | अकठिष्टाम्, अकाठिष्टाम् | अकठिषुः, अकाठिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अकठीः, अकाठीः | अकठिष्टम्, अकाठिष्टम् | अकठिष्ट, अकाठिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अकठिषम्, अकाठिषम् | अकठिष्व, अकाठिष्व | अकठिष्म, अकाठिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकठिष्यत्, अकठिष्यद् | अकठिष्यताम् | अकठिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अकठिष्यः | अकठिष्यतम् | अकठिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अकठिष्यम् | अकठिष्याव | अकठिष्याम |
विचाराः (Your Thoughts)
स्वविचारान् लिखतु (Write your thoughts below)
Loading comment access...