संस्कृत धातुरूप - अर्थ (Samskrit Dhaturoop - artha)
अर्थ
अर्थः (Hindi): मांगना, याचना करना
Meaning (English): to beg, to request
लट्लकारः (आत्मनेपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अर्थयते | अर्थयेते | अर्थयन्ते |
| मध्यमपुरुषः | अर्थयसे | अर्थयेथे | अर्थयध्वे |
| उत्तमपुरुषः | अर्थये | अर्थयावहे | अर्थयामहे |
लिट्लकारः (आत्मनेपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अर्थयाञ्चक्रे, अर्थयामास, अर्थयाम्बभूव | अर्थयाञ्चक्राते, अर्थयामासतुः, अर्थयाम्बभूवतुः | अर्थयाञ्चक्रिरे, अर्थयामासुः, अर्थयाम्बभूवुः |
| मध्यमपुरुषः | अर्थयाञ्चकृषे, अर्थयामासिथ, अर्थयाम्बभूविथ | अर्थयाञ्चक्राथे, अर्थयामासथुः, अर्थयाम्बभूवथुः | अर्थयाञ्चकृढ्वे, अर्थयामास, अर्थयाम्बभूव |
| उत्तमपुरुषः | अर्थयाञ्चक्रे, अर्थयामास, अर्थयाम्बभूव | अर्थयाञ्चकृवहे, अर्थयामासिव, अर्थयाम्बभूविव | अर्थयाञ्चकृमहे, अर्थयामासिम, अर्थयाम्बभूविम |
लुट्लकारः (आत्मनेपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अर्थयिता | अर्थयितारौ | अर्थयितारः |
| मध्यमपुरुषः | अर्थयितासे | अर्थयितासाथे | अर्थयिताध्वे |
| उत्तमपुरुषः | अर्थयिताहे | अर्थयितास्वहे | अर्थयितास्महे |
लृट्लकारः (आत्मनेपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अर्थयिष्यते | अर्थयिष्येते | अर्थयिष्यन्ते |
| मध्यमपुरुषः | अर्थयिष्यसे | अर्थयिष्येथे | अर्थयिष्यध्वे |
| उत्तमपुरुषः | अर्थयिष्ये | अर्थयिष्यावहे | अर्थयिष्यामहे |
लोट्लकारः (आत्मनेपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अर्थयताम् | अर्थयेताम् | अर्थयन्ताम् |
| मध्यमपुरुषः | अर्थयस्व | अर्थयेथाम् | अर्थयध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अर्थयै | अर्थयावहै | अर्थयामहै |
लङ्लकारः (आत्मनेपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | आर्थयत | आर्थयेताम् | आर्थयन्त |
| मध्यमपुरुषः | आर्थयथाः | आर्थयेथाम् | आर्थयध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | आर्थये | आर्थयावहि | आर्थयामहि |
विधिलिङ्लकारः (आत्मनेपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अर्थयेत | अर्थयेयाताम् | अर्थयेरन् |
| मध्यमपुरुषः | अर्थयेथाः | अर्थयेयाथाम् | अर्थयेध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अर्थयेय | अर्थयेवहि | अर्थयेमहि |
आशीर्लिङ्लकारः (आत्मनेपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अर्थयिषीष्ट | अर्थयिषीयास्ताम् | अर्थयिषीरन् |
| मध्यमपुरुषः | अर्थयिषीष्ठाः | अर्थयिषीयास्थाम् | अर्थयिषीढ्वम्, अर्थयिषीध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अर्थयिषीय | अर्थयिषीवहि | अर्थयिषीमहि |
लुङ्लकारः (आत्मनेपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | आर्तथत | आर्तथेताम् | आर्तथन्त |
| मध्यमपुरुषः | आर्तथथाः | आर्तथेथाम् | आर्तथध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | आर्तथे | आर्तथावहि | आर्तथामहि |
लृङ्लकारः (आत्मनेपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | आर्थयिष्यत | आर्थयिष्येताम् | आर्थयिष्यन्त |
| मध्यमपुरुषः | आर्थयिष्यथाः | आर्थयिष्येथाम् | आर्थयिष्यध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | आर्थयिष्ये | आर्थयिष्यावहि | आर्थयिष्यामहि |
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