संस्कृत धातुरूप - अञ्च् (Samskrit Dhaturoop - a~nch)
अञ्च्
अर्थः (Hindi): जाना, पूजा करना
Meaning (English): to go, to pray, to honor, to worship, to respect
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अञ्चति | अञ्चतः | अञ्चन्ति |
| मध्यमपुरुषः | अञ्चसि | अञ्चथः | अञ्चथ |
| उत्तमपुरुषः | अञ्चामि | अञ्चावः | अञ्चामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | आनञ्च | आनञ्चतुः | आनञ्चुः |
| मध्यमपुरुषः | आनञ्चिथ | आनञ्चथुः | आनञ्च |
| उत्तमपुरुषः | आनञ्च | आनञ्चिव | आनञ्चिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अञ्चिता | अञ्चितारौ | अञ्चितारः |
| मध्यमपुरुषः | अञ्चितासि | अञ्चितास्थः | अञ्चितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | अञ्चितास्मि | अञ्चितास्वः | अञ्चितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अञ्चिष्यति | अञ्चिष्यतः | अञ्चिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | अञ्चिष्यसि | अञ्चिष्यथः | अञ्चिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | अञ्चिष्यामि | अञ्चिष्यावः | अञ्चिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अञ्चतात्, अञ्चताद्, अञ्चतु | अञ्चताम् | अञ्चन्तु |
| मध्यमपुरुषः | अञ्च, अञ्चतात्, अञ्चताद् | अञ्चतम् | अञ्चत |
| उत्तमपुरुषः | अञ्चानि | अञ्चाव | अञ्चाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | आञ्चत्, आञ्चद् | आञ्चताम् | आञ्चन् |
| मध्यमपुरुषः | आञ्चः | आञ्चतम् | आञ्चत |
| उत्तमपुरुषः | आञ्चम् | आञ्चाव | आञ्चाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अञ्चेत्, अञ्चेद् | अञ्चेताम् | अञ्चेयुः |
| मध्यमपुरुषः | अञ्चेः | अञ्चेतम् | अञ्चेत |
| उत्तमपुरुषः | अञ्चेयम् | अञ्चेव | अञ्चेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अच्यात्, अच्याद्, अञ्च्यात्, अञ्च्याद् | अच्यास्ताम्, अञ्च्यास्ताम् | अच्यासुः, अञ्च्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | अच्याः, अञ्च्याः | अच्यास्तम्, अञ्च्यास्तम् | अच्यास्त, अञ्च्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | अच्यासम्, अञ्च्यासम् | अच्यास्व, अञ्च्यास्व | अच्यास्म, अञ्च्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | आञ्चीत्, आञ्चीद् | आञ्चिष्टाम् | आञ्चिषुः |
| मध्यमपुरुषः | आञ्चीः | आञ्चिष्टम् | आञ्चिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | आञ्चिषम् | आञ्चिष्व | आञ्चिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | आञ्चिष्यत्, आञ्चिष्यद् | आञ्चिष्यताम् | आञ्चिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | आञ्चिष्यः | आञ्चिष्यतम् | आञ्चिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | आञ्चिष्यम् | आञ्चिष्याव | आञ्चिष्याम |
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