संस्कृत धातुरूप - बस् (Samskrit Dhaturoop - bas)
बस्
अर्थः (Hindi): स्थिर होना, सीधा होना
Meaning (English): to be firm, to be fixed, to be straight
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | बस्यति | बस्यतः | बस्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | बस्यसि | बस्यथः | बस्यथ |
| उत्तमपुरुषः | बस्यामि | बस्यावः | बस्यामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | बबास | बेसतुः | बेसुः |
| मध्यमपुरुषः | बेसिथ | बेसथुः | बेस |
| उत्तमपुरुषः | बबस, बबास | बेसिव | बेसिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | बसिता | बसितारौ | बसितारः |
| मध्यमपुरुषः | बसितासि | बसितास्थः | बसितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | बसितास्मि | बसितास्वः | बसितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | बसिष्यति | बसिष्यतः | बसिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | बसिष्यसि | बसिष्यथः | बसिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | बसिष्यामि | बसिष्यावः | बसिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | बस्यतात्, बस्यताद्, बस्यतु | बस्यताम् | बस्यन्तु |
| मध्यमपुरुषः | बस्य, बस्यतात्, बस्यताद् | बस्यतम् | बस्यत |
| उत्तमपुरुषः | बस्यानि | बस्याव | बस्याम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अबस्यत्, अबस्यद् | अबस्यताम् | अबस्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अबस्यः | अबस्यतम् | अबस्यत |
| उत्तमपुरुषः | अबस्यम् | अबस्याव | अबस्याम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | बस्येत्, बस्येद् | बस्येताम् | बस्येयुः |
| मध्यमपुरुषः | बस्येः | बस्येतम् | बस्येत |
| उत्तमपुरुषः | बस्येयम् | बस्येव | बस्येम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | बस्यात्, बस्याद् | बस्यास्ताम् | बस्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | बस्याः | बस्यास्तम् | बस्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | बस्यासम् | बस्यास्व | बस्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अबसत्, अबसद् | अबसताम् | अबसन् |
| मध्यमपुरुषः | अबसः | अबसतम् | अबसत |
| उत्तमपुरुषः | अबसम् | अबसाव | अबसाम |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अबसिष्यत्, अबसिष्यद् | अबसिष्यताम् | अबसिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अबसिष्यः | अबसिष्यतम् | अबसिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अबसिष्यम् | अबसिष्याव | अबसिष्याम |
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