संस्कृत धातुरूप - भू (Samskrit Dhaturoop - bhU)
भू
अर्थः (Hindi): होना
Meaning (English): to exist, to become, to be, to happen
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | भवति | भवतः | भवन्ति |
| मध्यमपुरुषः | भवसि | भवथः | भवथ |
| उत्तमपुरुषः | भवामि | भवावः | भवामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | बभूव | बभूवतुः | बभूवुः |
| मध्यमपुरुषः | बभूविथ | बभूवथुः | बभूव |
| उत्तमपुरुषः | बभूव | बभूविव | बभूविम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | भविता | भवितारौ | भवितारः |
| मध्यमपुरुषः | भवितासि | भवितास्थः | भवितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | भवितास्मि | भवितास्वः | भवितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | भविष्यति | भविष्यतः | भविष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | भविष्यसि | भविष्यथः | भविष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | भविष्यामि | भविष्यावः | भविष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | भवतात्, भवताद्, भवतु | भवताम् | भवन्तु |
| मध्यमपुरुषः | भव, भवतात्, भवताद् | भवतम् | भवत |
| उत्तमपुरुषः | भवानि | भवाव | भवाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अभवत्, अभवद् | अभवताम् | अभवन् |
| मध्यमपुरुषः | अभवः | अभवतम् | अभवत |
| उत्तमपुरुषः | अभवम् | अभवाव | अभवाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | भवेत्, भवेद् | भवेताम् | भवेयुः |
| मध्यमपुरुषः | भवेः | भवेतम् | भवेत |
| उत्तमपुरुषः | भवेयम् | भवेव | भवेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | भूयात्, भूयाद् | भूयास्ताम् | भूयासुः |
| मध्यमपुरुषः | भूयाः | भूयास्तम् | भूयास्त |
| उत्तमपुरुषः | भूयासम् | भूयास्व | भूयास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अभूत्, अभूद् | अभूताम् | अभूवन् |
| मध्यमपुरुषः | अभूः | अभूतम् | अभूत |
| उत्तमपुरुषः | अभूवम् | अभूव | अभूम |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अभविष्यत्, अभविष्यद् | अभविष्यताम् | अभविष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अभविष्यः | अभविष्यतम् | अभविष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अभविष्यम् | अभविष्याव | अभविष्याम |
विचाराः (Your Thoughts)
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२) सामान्यभविष्ये लृट् लकारः
३) अनद्यतनभविष्ये लुट् लकारः
४) हेतुहेतुमद्भविष्ये लृङ् लकारः
५) सामान्यभूते लुङ् लकारः
६) अनद्यतनभूते लङ् लकारः
७) परोक्षभूते लिट् लकारः
८) विधिलिङ् लकारः
९) आशीर्लिङ् लकारः
१०) आज्ञार्थे लोट् लकारः
For the beginners these would be easy to understand and remember.
महोदय! आप अपने सॉफ्टवेयर में भी काल (लकार) दर्शाने के लिए ऐसे लिखे तो हमारी सहायता रहेगी।
धन्यवादः। 🙏🌹🙏