संस्कृत धातुरूप - भुज् (Samskrit Dhaturoop - bhuj)
भुज्
अर्थः (Hindi): संरक्षण करना, पालन करना, खाना, भक्षण करना
Meaning (English): to protect, to preserve, to eat, to consume
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | भुजति | भुजतः | भुजन्ति |
| मध्यमपुरुषः | भुजसि | भुजथः | भुजथ |
| उत्तमपुरुषः | भुजामि | भुजावः | भुजामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | बुभोज | बुभुजतुः | बुभुजुः |
| मध्यमपुरुषः | बुभोजिथ | बुभुजथुः | बुभुज |
| उत्तमपुरुषः | बुभोज | बुभुजिव | बुभुजिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | भोक्ता | भोक्तारौ | भोक्तारः |
| मध्यमपुरुषः | भोक्तासि | भोक्तास्थः | भोक्तास्थ |
| उत्तमपुरुषः | भोक्तास्मि | भोक्तास्वः | भोक्तास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | भोक्ष्यति | भोक्ष्यतः | भोक्ष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | भोक्ष्यसि | भोक्ष्यथः | भोक्ष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | भोक्ष्यामि | भोक्ष्यावः | भोक्ष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | भुजतात्, भुजताद्, भुजतु | भुजताम् | भुजन्तु |
| मध्यमपुरुषः | भुज, भुजतात्, भुजताद् | भुजतम् | भुजत |
| उत्तमपुरुषः | भुजानि | भुजाव | भुजाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अभुजत्, अभुजद् | अभुजताम् | अभुजन् |
| मध्यमपुरुषः | अभुजः | अभुजतम् | अभुजत |
| उत्तमपुरुषः | अभुजम् | अभुजाव | अभुजाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | भुजेत्, भुजेद् | भुजेताम् | भुजेयुः |
| मध्यमपुरुषः | भुजेः | भुजेतम् | भुजेत |
| उत्तमपुरुषः | भुजेयम् | भुजेव | भुजेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | भुज्यात्, भुज्याद् | भुज्यास्ताम् | भुज्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | भुज्याः | भुज्यास्तम् | भुज्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | भुज्यासम् | भुज्यास्व | भुज्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अभौक्षीत्, अभौक्षीद् | अभौक्ताम् | अभौक्षुः |
| मध्यमपुरुषः | अभौक्षीः | अभौक्तम् | अभौक्त |
| उत्तमपुरुषः | अभौक्षम् | अभौक्ष्व | अभौक्ष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अभोक्ष्यत्, अभोक्ष्यद् | अभोक्ष्यताम् | अभोक्ष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अभोक्ष्यः | अभोक्ष्यतम् | अभोक्ष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अभोक्ष्यम् | अभोक्ष्याव | अभोक्ष्याम |
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