संस्कृत धातुरूप - चीभ् (Samskrit Dhaturoop - chIbh)
चीभ्
अर्थः (Hindi): प्रशंसा करना, शेखी मरना, आत्मस्तुति करना
Meaning (English): to boast, to praise oneself
लट्लकारः (आत्मनेपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चीभते | चीभेते | चीभन्ते |
| मध्यमपुरुषः | चीभसे | चीभेथे | चीभध्वे |
| उत्तमपुरुषः | चीभे | चीभावहे | चीभामहे |
लिट्लकारः (आत्मनेपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चिचीभे | चिचीभाते | चिचीभिरे |
| मध्यमपुरुषः | चिचीभिषे | चिचीभाथे | चिचीभिध्वे |
| उत्तमपुरुषः | चिचीभे | चिचीभिवहे | चिचीभिमहे |
लुट्लकारः (आत्मनेपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चीभिता | चीभितारौ | चीभितारः |
| मध्यमपुरुषः | चीभितासे | चीभितासाथे | चीभिताध्वे |
| उत्तमपुरुषः | चीभिताहे | चीभितास्वहे | चीभितास्महे |
लृट्लकारः (आत्मनेपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चीभिष्यते | चीभिष्येते | चीभिष्यन्ते |
| मध्यमपुरुषः | चीभिष्यसे | चीभिष्येथे | चीभिष्यध्वे |
| उत्तमपुरुषः | चीभिष्ये | चीभिष्यावहे | चीभिष्यामहे |
लोट्लकारः (आत्मनेपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चीभताम् | चीभेताम् | चीभन्ताम् |
| मध्यमपुरुषः | चीभस्व | चीभेथाम् | चीभध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | चीभै | चीभावहै | चीभामहै |
लङ्लकारः (आत्मनेपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अचीभत | अचीभेताम् | अचीभन्त |
| मध्यमपुरुषः | अचीभथाः | अचीभेथाम् | अचीभध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अचीभे | अचीभावहि | अचीभामहि |
विधिलिङ्लकारः (आत्मनेपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चीभेत | चीभेयाताम् | चीभेरन् |
| मध्यमपुरुषः | चीभेथाः | चीभेयाथाम् | चीभेध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | चीभेय | चीभेवहि | चीभेमहि |
आशीर्लिङ्लकारः (आत्मनेपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चीभिषीष्ट | चीभिषीयास्ताम् | चीभिषीरन् |
| मध्यमपुरुषः | चीभिषीष्ठाः | चीभिषीयास्थाम् | चीभिषीध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | चीभिषीय | चीभिषीवहि | चीभिषीमहि |
लुङ्लकारः (आत्मनेपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अचीभिष्ट | अचीभिषाताम् | अचीभिषत |
| मध्यमपुरुषः | अचीभिष्ठाः | अचीभिषाथाम् | अचीभिध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अचीभिषि | अचीभिष्वहि | अचीभिष्महि |
लृङ्लकारः (आत्मनेपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अचीभिष्यत | अचीभिष्येताम् | अचीभिष्यन्त |
| मध्यमपुरुषः | अचीभिष्यथाः | अचीभिष्येथाम् | अचीभिष्यध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अचीभिष्ये | अचीभिष्यावहि | अचीभिष्यामहि |
विचाराः (Your Thoughts)
स्वविचारान् लिखतु (Write your thoughts below)
Loading comment access...