संस्कृत धातुरूप - चुच्य् (Samskrit Dhaturoop - chuchy)
चुच्य्
अर्थः (Hindi): स्नान करना, स्नान कराना, निकालना, मथना, छापना
Meaning (English): to bathe, to give bath, to extract, to churn, to print
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चुच्यति | चुच्यतः | चुच्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | चुच्यसि | चुच्यथः | चुच्यथ |
| उत्तमपुरुषः | चुच्यामि | चुच्यावः | चुच्यामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चुचुच्य | चुचुच्यतुः | चुचुच्युः |
| मध्यमपुरुषः | चुचुच्यिथ | चुचुच्यथुः | चुचुच्य |
| उत्तमपुरुषः | चुचुच्य | चुचुच्यिव | चुचुच्यिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चुच्यिता | चुच्यितारौ | चुच्यितारः |
| मध्यमपुरुषः | चुच्यितासि | चुच्यितास्थः | चुच्यितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | चुच्यितास्मि | चुच्यितास्वः | चुच्यितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चुच्यिष्यति | चुच्यिष्यतः | चुच्यिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | चुच्यिष्यसि | चुच्यिष्यथः | चुच्यिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | चुच्यिष्यामि | चुच्यिष्यावः | चुच्यिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चुच्यतात्, चुच्यताद्, चुच्यतु | चुच्यताम् | चुच्यन्तु |
| मध्यमपुरुषः | चुच्य, चुच्यतात्, चुच्यताद् | चुच्यतम् | चुच्यत |
| उत्तमपुरुषः | चुच्यानि | चुच्याव | चुच्याम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अचुच्यत्, अचुच्यद् | अचुच्यताम् | अचुच्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अचुच्यः | अचुच्यतम् | अचुच्यत |
| उत्तमपुरुषः | अचुच्यम् | अचुच्याव | अचुच्याम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चुच्येत्, चुच्येद् | चुच्येताम् | चुच्येयुः |
| मध्यमपुरुषः | चुच्येः | चुच्येतम् | चुच्येत |
| उत्तमपुरुषः | चुच्येयम् | चुच्येव | चुच्येम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चुच्यात्, चुच्याद्, चुच्य्यात्, चुच्य्याद् | चुच्यास्ताम्, चुच्य्यास्ताम् | चुच्यासुः, चुच्य्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | चुच्याः, चुच्य्याः | चुच्यास्तम्, चुच्य्यास्तम् | चुच्यास्त, चुच्य्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | चुच्यासम्, चुच्य्यासम् | चुच्यास्व, चुच्य्यास्व | चुच्यास्म, चुच्य्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अचुच्यीत्, अचुच्यीद् | अचुच्यिष्टाम् | अचुच्यिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अचुच्यीः | अचुच्यिष्टम् | अचुच्यिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अचुच्यिषम् | अचुच्यिष्व | अचुच्यिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अचुच्यिष्यत्, अचुच्यिष्यद् | अचुच्यिष्यताम् | अचुच्यिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अचुच्यिष्यः | अचुच्यिष्यतम् | अचुच्यिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अचुच्यिष्यम् | अचुच्यिष्याव | अचुच्यिष्याम |
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