संस्कृत धातुरूप - धन्व् (Samskrit Dhaturoop - dhanv)
धन्व्
अर्थः (Hindi): जाना
Meaning (English): to go
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | धन्वति | धन्वतः | धन्वन्ति |
| मध्यमपुरुषः | धन्वसि | धन्वथः | धन्वथ |
| उत्तमपुरुषः | धन्वामि | धन्वावः | धन्वामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | दधन्व | दधन्वतुः | दधन्वुः |
| मध्यमपुरुषः | दधन्विथ | दधन्वथुः | दधन्व |
| उत्तमपुरुषः | दधन्व | दधन्विव | दधन्विम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | धन्विता | धन्वितारौ | धन्वितारः |
| मध्यमपुरुषः | धन्वितासि | धन्वितास्थः | धन्वितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | धन्वितास्मि | धन्वितास्वः | धन्वितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | धन्विष्यति | धन्विष्यतः | धन्विष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | धन्विष्यसि | धन्विष्यथः | धन्विष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | धन्विष्यामि | धन्विष्यावः | धन्विष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | धन्वतात्, धन्वताद्, धन्वतु | धन्वताम् | धन्वन्तु |
| मध्यमपुरुषः | धन्व, धन्वतात्, धन्वताद् | धन्वतम् | धन्वत |
| उत्तमपुरुषः | धन्वानि | धन्वाव | धन्वाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अधन्वत्, अधन्वद् | अधन्वताम् | अधन्वन् |
| मध्यमपुरुषः | अधन्वः | अधन्वतम् | अधन्वत |
| उत्तमपुरुषः | अधन्वम् | अधन्वाव | अधन्वाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | धन्वेत्, धन्वेद् | धन्वेताम् | धन्वेयुः |
| मध्यमपुरुषः | धन्वेः | धन्वेतम् | धन्वेत |
| उत्तमपुरुषः | धन्वेयम् | धन्वेव | धन्वेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | धन्व्यात्, धन्व्याद् | धन्व्यास्ताम् | धन्व्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | धन्व्याः | धन्व्यास्तम् | धन्व्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | धन्व्यासम् | धन्व्यास्व | धन्व्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अधन्वीत्, अधन्वीद् | अधन्विष्टाम् | अधन्विषुः |
| मध्यमपुरुषः | अधन्वीः | अधन्विष्टम् | अधन्विष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अधन्विषम् | अधन्विष्व | अधन्विष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अधन्विष्यत्, अधन्विष्यद् | अधन्विष्यताम् | अधन्विष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अधन्विष्यः | अधन्विष्यतम् | अधन्विष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अधन्विष्यम् | अधन्विष्याव | अधन्विष्याम |
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