संस्कृत धातुरूप - दिन्व् (Samskrit Dhaturoop - dinv)
दिन्व्
अर्थः (Hindi): तृप्त होना, तृप्त करना, शान्त होना
Meaning (English): to please,to satisfy, to calm down
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | दिन्वति | दिन्वतः | दिन्वन्ति |
| मध्यमपुरुषः | दिन्वसि | दिन्वथः | दिन्वथ |
| उत्तमपुरुषः | दिन्वामि | दिन्वावः | दिन्वामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | दिदिन्व | दिदिन्वतुः | दिदिन्वुः |
| मध्यमपुरुषः | दिदिन्विथ | दिदिन्वथुः | दिदिन्व |
| उत्तमपुरुषः | दिदिन्व | दिदिन्विव | दिदिन्विम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | दिन्विता | दिन्वितारौ | दिन्वितारः |
| मध्यमपुरुषः | दिन्वितासि | दिन्वितास्थः | दिन्वितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | दिन्वितास्मि | दिन्वितास्वः | दिन्वितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | दिन्विष्यति | दिन्विष्यतः | दिन्विष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | दिन्विष्यसि | दिन्विष्यथः | दिन्विष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | दिन्विष्यामि | दिन्विष्यावः | दिन्विष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | दिन्वतात्, दिन्वताद्, दिन्वतु | दिन्वताम् | दिन्वन्तु |
| मध्यमपुरुषः | दिन्व, दिन्वतात्, दिन्वताद् | दिन्वतम् | दिन्वत |
| उत्तमपुरुषः | दिन्वानि | दिन्वाव | दिन्वाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अदिन्वत्, अदिन्वद् | अदिन्वताम् | अदिन्वन् |
| मध्यमपुरुषः | अदिन्वः | अदिन्वतम् | अदिन्वत |
| उत्तमपुरुषः | अदिन्वम् | अदिन्वाव | अदिन्वाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | दिन्वेत्, दिन्वेद् | दिन्वेताम् | दिन्वेयुः |
| मध्यमपुरुषः | दिन्वेः | दिन्वेतम् | दिन्वेत |
| उत्तमपुरुषः | दिन्वेयम् | दिन्वेव | दिन्वेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | दिन्व्यात्, दिन्व्याद् | दिन्व्यास्ताम् | दिन्व्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | दिन्व्याः | दिन्व्यास्तम् | दिन्व्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | दिन्व्यासम् | दिन्व्यास्व | दिन्व्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अदिन्वीत्, अदिन्वीद् | अदिन्विष्टाम् | अदिन्विषुः |
| मध्यमपुरुषः | अदिन्वीः | अदिन्विष्टम् | अदिन्विष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अदिन्विषम् | अदिन्विष्व | अदिन्विष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अदिन्विष्यत्, अदिन्विष्यद् | अदिन्विष्यताम् | अदिन्विष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अदिन्विष्यः | अदिन्विष्यतम् | अदिन्विष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अदिन्विष्यम् | अदिन्विष्याव | अदिन्विष्याम |
विचाराः (Your Thoughts)
स्वविचारान् लिखतु (Write your thoughts below)
Loading comment access...