द्राख्
अर्थः (Hindi): सूखना, शुष्क होना, भूषित करना, कार्यक्षम होना, रोकना, निषेध करना
Meaning (English): to dry out, to decorate, to be sufficient, to refuse, to prevent, to stop
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | द्राखति | द्राखतः | द्राखन्ति |
| मध्यमपुरुषः | द्राखसि | द्राखथः | द्राखथ |
| उत्तमपुरुषः | द्राखामि | द्राखावः | द्राखामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | दद्राख | दद्राखतुः | दद्राखुः |
| मध्यमपुरुषः | दद्राखिथ | दद्राखथुः | दद्राख |
| उत्तमपुरुषः | दद्राख | दद्राखिव | दद्राखिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | द्राखिता | द्राखितारौ | द्राखितारः |
| मध्यमपुरुषः | द्राखितासि | द्राखितास्थः | द्राखितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | द्राखितास्मि | द्राखितास्वः | द्राखितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | द्राखिष्यति | द्राखिष्यतः | द्राखिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | द्राखिष्यसि | द्राखिष्यथः | द्राखिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | द्राखिष्यामि | द्राखिष्यावः | द्राखिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | द्राखतात्, द्राखताद्, द्राखतु | द्राखताम् | द्राखन्तु |
| मध्यमपुरुषः | द्राख, द्राखतात्, द्राखताद् | द्राखतम् | द्राखत |
| उत्तमपुरुषः | द्राखाणि | द्राखाव | द्राखाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अद्राखत्, अद्राखद् | अद्राखताम् | अद्राखन् |
| मध्यमपुरुषः | अद्राखः | अद्राखतम् | अद्राखत |
| उत्तमपुरुषः | अद्राखम् | अद्राखाव | अद्राखाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | द्राखेत्, द्राखेद् | द्राखेताम् | द्राखेयुः |
| मध्यमपुरुषः | द्राखेः | द्राखेतम् | द्राखेत |
| उत्तमपुरुषः | द्राखेयम् | द्राखेव | द्राखेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | द्राख्यात्, द्राख्याद् | द्राख्यास्ताम् | द्राख्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | द्राख्याः | द्राख्यास्तम् | द्राख्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | द्राख्यासम् | द्राख्यास्व | द्राख्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अद्राखीत्, अद्राखीद् | अद्राखिष्टाम् | अद्राखिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अद्राखीः | अद्राखिष्टम् | अद्राखिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अद्राखिषम् | अद्राखिष्व | अद्राखिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अद्राखिष्यत्, अद्राखिष्यद् | अद्राखिष्यताम् | अद्राखिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अद्राखिष्यः | अद्राखिष्यतम् | अद्राखिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अद्राखिष्यम् | अद्राखिष्याव | अद्राखिष्याम |
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