संस्कृत धातुरूप - दुह् (Samskrit Dhaturoop - duh)
दुह्
अर्थः (Hindi): पीड़ा करना
Meaning (English): to hurt,to kill,to pain, to kill
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | दोहति | दोहतः | दोहन्ति |
| मध्यमपुरुषः | दोहसि | दोहथः | दोहथ |
| उत्तमपुरुषः | दोहामि | दोहावः | दोहामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | दुदोह | दुदुहतुः | दुदुहुः |
| मध्यमपुरुषः | दुदोहिथ | दुदुहथुः | दुदुह |
| उत्तमपुरुषः | दुदोह | दुदुहिव | दुदुहिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | दोहिता | दोहितारौ | दोहितारः |
| मध्यमपुरुषः | दोहितासि | दोहितास्थः | दोहितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | दोहितास्मि | दोहितास्वः | दोहितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | दोहिष्यति | दोहिष्यतः | दोहिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | दोहिष्यसि | दोहिष्यथः | दोहिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | दोहिष्यामि | दोहिष्यावः | दोहिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | दोहतात्, दोहताद्, दोहतु | दोहताम् | दोहन्तु |
| मध्यमपुरुषः | दोह, दोहतात्, दोहताद् | दोहतम् | दोहत |
| उत्तमपुरुषः | दोहानि | दोहाव | दोहाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अदोहत्, अदोहद् | अदोहताम् | अदोहन् |
| मध्यमपुरुषः | अदोहः | अदोहतम् | अदोहत |
| उत्तमपुरुषः | अदोहम् | अदोहाव | अदोहाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | दोहेत्, दोहेद् | दोहेताम् | दोहेयुः |
| मध्यमपुरुषः | दोहेः | दोहेतम् | दोहेत |
| उत्तमपुरुषः | दोहेयम् | दोहेव | दोहेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | दुह्यात्, दुह्याद् | दुह्यास्ताम् | दुह्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | दुह्याः | दुह्यास्तम् | दुह्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | दुह्यासम् | दुह्यास्व | दुह्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अदुहत्, अदुहद्, अदोहीत्, अदोहीद् | अदुहताम्, अदोहिष्टाम् | अदुहन्, अदोहिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अदुहः, अदोहीः | अदुहतम्, अदोहिष्टम् | अदुहत, अदोहिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अदुहम्, अदोहिषम् | अदुहाव, अदोहिष्व | अदुहाम, अदोहिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अदोहिष्यत्, अदोहिष्यद् | अदोहिष्यताम् | अदोहिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अदोहिष्यः | अदोहिष्यतम् | अदोहिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अदोहिष्यम् | अदोहिष्याव | अदोहिष्याम |
विचाराः (Your Thoughts)
स्वविचारान् लिखतु (Write your thoughts below)
Loading comment access...