संस्कृत धातुरूप - ग्लुञ्च् (Samskrit Dhaturoop - glu~nch)
ग्लुञ्च्
अर्थः (Hindi): जाना
Meaning (English): to go
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ग्लुञ्चति | ग्लुञ्चतः | ग्लुञ्चन्ति |
| मध्यमपुरुषः | ग्लुञ्चसि | ग्लुञ्चथः | ग्लुञ्चथ |
| उत्तमपुरुषः | ग्लुञ्चामि | ग्लुञ्चावः | ग्लुञ्चामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | जुग्लुञ्च | जुग्लुञ्चतुः | जुग्लुञ्चुः |
| मध्यमपुरुषः | जुग्लुञ्चिथ | जुग्लुञ्चथुः | जुग्लुञ्च |
| उत्तमपुरुषः | जुग्लुञ्च | जुग्लुञ्चिव | जुग्लुञ्चिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ग्लुञ्चिता | ग्लुञ्चितारौ | ग्लुञ्चितारः |
| मध्यमपुरुषः | ग्लुञ्चितासि | ग्लुञ्चितास्थः | ग्लुञ्चितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | ग्लुञ्चितास्मि | ग्लुञ्चितास्वः | ग्लुञ्चितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ग्लुञ्चिष्यति | ग्लुञ्चिष्यतः | ग्लुञ्चिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | ग्लुञ्चिष्यसि | ग्लुञ्चिष्यथः | ग्लुञ्चिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | ग्लुञ्चिष्यामि | ग्लुञ्चिष्यावः | ग्लुञ्चिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ग्लुञ्चतात्, ग्लुञ्चताद्, ग्लुञ्चतु | ग्लुञ्चताम् | ग्लुञ्चन्तु |
| मध्यमपुरुषः | ग्लुञ्च, ग्लुञ्चतात्, ग्लुञ्चताद् | ग्लुञ्चतम् | ग्लुञ्चत |
| उत्तमपुरुषः | ग्लुञ्चानि | ग्लुञ्चाव | ग्लुञ्चाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अग्लुञ्चत्, अग्लुञ्चद् | अग्लुञ्चताम् | अग्लुञ्चन् |
| मध्यमपुरुषः | अग्लुञ्चः | अग्लुञ्चतम् | अग्लुञ्चत |
| उत्तमपुरुषः | अग्लुञ्चम् | अग्लुञ्चाव | अग्लुञ्चाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ग्लुञ्चेत्, ग्लुञ्चेद् | ग्लुञ्चेताम् | ग्लुञ्चेयुः |
| मध्यमपुरुषः | ग्लुञ्चेः | ग्लुञ्चेतम् | ग्लुञ्चेत |
| उत्तमपुरुषः | ग्लुञ्चेयम् | ग्लुञ्चेव | ग्लुञ्चेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ग्लुच्यात्, ग्लुच्याद् | ग्लुच्यास्ताम् | ग्लुच्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | ग्लुच्याः | ग्लुच्यास्तम् | ग्लुच्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | ग्लुच्यासम् | ग्लुच्यास्व | ग्लुच्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अग्लुचत्, अग्लुचद्, अग्लुञ्चीत्, अग्लुञ्चीद् | अग्लुचताम्, अग्लुञ्चिष्टाम् | अग्लुचन्, अग्लुञ्चिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अग्लुचः, अग्लुञ्चीः | अग्लुचतम्, अग्लुञ्चिष्टम् | अग्लुचत, अग्लुञ्चिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अग्लुचम्, अग्लुञ्चिषम् | अग्लुचाव, अग्लुञ्चिष्व | अग्लुचाम, अग्लुञ्चिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अग्लुञ्चिष्यत्, अग्लुञ्चिष्यद् | अग्लुञ्चिष्यताम् | अग्लुञ्चिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अग्लुञ्चिष्यः | अग्लुञ्चिष्यतम् | अग्लुञ्चिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अग्लुञ्चिष्यम् | अग्लुञ्चिष्याव | अग्लुञ्चिष्याम |
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