संस्कृत धातुरूप - ह्लग् (Samskrit Dhaturoop - hlag)
ह्लग्
अर्थः (Hindi): आच्छादित करना, ढकना
Meaning (English): to wrap, to cover, to conceal
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ह्लगति | ह्लगतः | ह्लगन्ति |
| मध्यमपुरुषः | ह्लगसि | ह्लगथः | ह्लगथ |
| उत्तमपुरुषः | ह्लगामि | ह्लगावः | ह्लगामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | जह्लाग | जह्लगतुः | जह्लगुः |
| मध्यमपुरुषः | जह्लगिथ | जह्लगथुः | जह्लग |
| उत्तमपुरुषः | जह्लग, जह्लाग | जह्लगिव | जह्लगिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ह्लगिता | ह्लगितारौ | ह्लगितारः |
| मध्यमपुरुषः | ह्लगितासि | ह्लगितास्थः | ह्लगितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | ह्लगितास्मि | ह्लगितास्वः | ह्लगितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ह्लगिष्यति | ह्लगिष्यतः | ह्लगिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | ह्लगिष्यसि | ह्लगिष्यथः | ह्लगिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | ह्लगिष्यामि | ह्लगिष्यावः | ह्लगिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ह्लगतात्, ह्लगताद्, ह्लगतु | ह्लगताम् | ह्लगन्तु |
| मध्यमपुरुषः | ह्लग, ह्लगतात्, ह्लगताद् | ह्लगतम् | ह्लगत |
| उत्तमपुरुषः | ह्लगानि | ह्लगाव | ह्लगाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अह्लगत्, अह्लगद् | अह्लगताम् | अह्लगन् |
| मध्यमपुरुषः | अह्लगः | अह्लगतम् | अह्लगत |
| उत्तमपुरुषः | अह्लगम् | अह्लगाव | अह्लगाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ह्लगेत्, ह्लगेद् | ह्लगेताम् | ह्लगेयुः |
| मध्यमपुरुषः | ह्लगेः | ह्लगेतम् | ह्लगेत |
| उत्तमपुरुषः | ह्लगेयम् | ह्लगेव | ह्लगेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ह्लग्यात्, ह्लग्याद् | ह्लग्यास्ताम् | ह्लग्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | ह्लग्याः | ह्लग्यास्तम् | ह्लग्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | ह्लग्यासम् | ह्लग्यास्व | ह्लग्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अह्लगीत्, अह्लगीद् | अह्लगिष्टाम् | अह्लगिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अह्लगीः | अह्लगिष्टम् | अह्लगिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अह्लगिषम् | अह्लगिष्व | अह्लगिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अह्लगिष्यत्, अह्लगिष्यद् | अह्लगिष्यताम् | अह्लगिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अह्लगिष्यः | अह्लगिष्यतम् | अह्लगिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अह्लगिष्यम् | अह्लगिष्याव | अह्लगिष्याम |
विचाराः (Your Thoughts)
स्वविचारान् लिखतु (Write your thoughts below)
Loading comment access...