संस्कृत धातुरूप - कर्ण (Samskrit Dhaturoop - karNa)
कर्ण
अर्थः (Hindi): कान छेदना
Meaning (English): to pierce ears
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कर्णयति | कर्णयतः | कर्णयन्ति |
| मध्यमपुरुषः | कर्णयसि | कर्णयथः | कर्णयथ |
| उत्तमपुरुषः | कर्णयामि | कर्णयावः | कर्णयामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कर्णयाञ्चकार, कर्णयामास, कर्णयाम्बभूव | कर्णयाञ्चक्रतुः, कर्णयामासतुः, कर्णयाम्बभूवतुः | कर्णयाञ्चक्रुः, कर्णयामासुः, कर्णयाम्बभूवुः |
| मध्यमपुरुषः | कर्णयाञ्चकर्थ, कर्णयामासिथ, कर्णयाम्बभूविथ | कर्णयाञ्चक्रथुः, कर्णयामासथुः, कर्णयाम्बभूवथुः | कर्णयाञ्चक्र, कर्णयामास, कर्णयाम्बभूव |
| उत्तमपुरुषः | कर्णयाञ्चकर, कर्णयाञ्चकार, कर्णयामास, कर्णयाम्बभूव | कर्णयाञ्चकृव, कर्णयामासिव, कर्णयाम्बभूविव | कर्णयाञ्चकृम, कर्णयामासिम, कर्णयाम्बभूविम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कर्णयिता | कर्णयितारौ | कर्णयितारः |
| मध्यमपुरुषः | कर्णयितासि | कर्णयितास्थः | कर्णयितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | कर्णयितास्मि | कर्णयितास्वः | कर्णयितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कर्णयिष्यति | कर्णयिष्यतः | कर्णयिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | कर्णयिष्यसि | कर्णयिष्यथः | कर्णयिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | कर्णयिष्यामि | कर्णयिष्यावः | कर्णयिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कर्णयतात्, कर्णयताद्, कर्णयतु | कर्णयताम् | कर्णयन्तु |
| मध्यमपुरुषः | कर्णय, कर्णयतात्, कर्णयताद् | कर्णयतम् | कर्णयत |
| उत्तमपुरुषः | कर्णयानि | कर्णयाव | कर्णयाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकर्णयत्, अकर्णयद् | अकर्णयताम् | अकर्णयन् |
| मध्यमपुरुषः | अकर्णयः | अकर्णयतम् | अकर्णयत |
| उत्तमपुरुषः | अकर्णयम् | अकर्णयाव | अकर्णयाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कर्णयेत्, कर्णयेद् | कर्णयेताम् | कर्णयेयुः |
| मध्यमपुरुषः | कर्णयेः | कर्णयेतम् | कर्णयेत |
| उत्तमपुरुषः | कर्णयेयम् | कर्णयेव | कर्णयेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कर्ण्यात्, कर्ण्याद् | कर्ण्यास्ताम् | कर्ण्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | कर्ण्याः | कर्ण्यास्तम् | कर्ण्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | कर्ण्यासम् | कर्ण्यास्व | कर्ण्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अचकर्णत्, अचकर्णद् | अचकर्णताम् | अचकर्णन् |
| मध्यमपुरुषः | अचकर्णः | अचकर्णतम् | अचकर्णत |
| उत्तमपुरुषः | अचकर्णम् | अचकर्णाव | अचकर्णाम |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकर्णयिष्यत्, अकर्णयिष्यद् | अकर्णयिष्यताम् | अकर्णयिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अकर्णयिष्यः | अकर्णयिष्यतम् | अकर्णयिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अकर्णयिष्यम् | अकर्णयिष्याव | अकर्णयिष्याम |
लट्लकारः (आत्मनेपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कर्णयते | कर्णयेते | कर्णयन्ते |
| मध्यमपुरुषः | कर्णयसे | कर्णयेथे | कर्णयध्वे |
| उत्तमपुरुषः | कर्णये | कर्णयावहे | कर्णयामहे |
लिट्लकारः (आत्मनेपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कर्णयाञ्चक्रे, कर्णयामास, कर्णयाम्बभूव | कर्णयाञ्चक्राते, कर्णयामासतुः, कर्णयाम्बभूवतुः | कर्णयाञ्चक्रिरे, कर्णयामासुः, कर्णयाम्बभूवुः |
| मध्यमपुरुषः | कर्णयाञ्चकृषे, कर्णयामासिथ, कर्णयाम्बभूविथ | कर्णयाञ्चक्राथे, कर्णयामासथुः, कर्णयाम्बभूवथुः | कर्णयाञ्चकृढ्वे, कर्णयामास, कर्णयाम्बभूव |
| उत्तमपुरुषः | कर्णयाञ्चक्रे, कर्णयामास, कर्णयाम्बभूव | कर्णयाञ्चकृवहे, कर्णयामासिव, कर्णयाम्बभूविव | कर्णयाञ्चकृमहे, कर्णयामासिम, कर्णयाम्बभूविम |
लुट्लकारः (आत्मनेपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कर्णयिता | कर्णयितारौ | कर्णयितारः |
| मध्यमपुरुषः | कर्णयितासे | कर्णयितासाथे | कर्णयिताध्वे |
| उत्तमपुरुषः | कर्णयिताहे | कर्णयितास्वहे | कर्णयितास्महे |
लृट्लकारः (आत्मनेपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कर्णयिष्यते | कर्णयिष्येते | कर्णयिष्यन्ते |
| मध्यमपुरुषः | कर्णयिष्यसे | कर्णयिष्येथे | कर्णयिष्यध्वे |
| उत्तमपुरुषः | कर्णयिष्ये | कर्णयिष्यावहे | कर्णयिष्यामहे |
लोट्लकारः (आत्मनेपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कर्णयताम् | कर्णयेताम् | कर्णयन्ताम् |
| मध्यमपुरुषः | कर्णयस्व | कर्णयेथाम् | कर्णयध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | कर्णयै | कर्णयावहै | कर्णयामहै |
लङ्लकारः (आत्मनेपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकर्णयत | अकर्णयेताम् | अकर्णयन्त |
| मध्यमपुरुषः | अकर्णयथाः | अकर्णयेथाम् | अकर्णयध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अकर्णये | अकर्णयावहि | अकर्णयामहि |
विधिलिङ्लकारः (आत्मनेपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कर्णयेत | कर्णयेयाताम् | कर्णयेरन् |
| मध्यमपुरुषः | कर्णयेथाः | कर्णयेयाथाम् | कर्णयेध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | कर्णयेय | कर्णयेवहि | कर्णयेमहि |
आशीर्लिङ्लकारः (आत्मनेपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कर्णयिषीष्ट | कर्णयिषीयास्ताम् | कर्णयिषीरन् |
| मध्यमपुरुषः | कर्णयिषीष्ठाः | कर्णयिषीयास्थाम् | कर्णयिषीढ्वम्, कर्णयिषीध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | कर्णयिषीय | कर्णयिषीवहि | कर्णयिषीमहि |
लुङ्लकारः (आत्मनेपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अचकर्णत | अचकर्णेताम् | अचकर्णन्त |
| मध्यमपुरुषः | अचकर्णथाः | अचकर्णेथाम् | अचकर्णध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अचकर्णे | अचकर्णावहि | अचकर्णामहि |
लृङ्लकारः (आत्मनेपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकर्णयिष्यत | अकर्णयिष्येताम् | अकर्णयिष्यन्त |
| मध्यमपुरुषः | अकर्णयिष्यथाः | अकर्णयिष्येथाम् | अकर्णयिष्यध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अकर्णयिष्ये | अकर्णयिष्यावहि | अकर्णयिष्यामहि |
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