संस्कृत धातुरूप - खेड् (Samskrit Dhaturoop - kheD)
खेड्
अर्थः (Hindi): खाना
Meaning (English): to eat
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खेडयति | खेडयतः | खेडयन्ति |
| मध्यमपुरुषः | खेडयसि | खेडयथः | खेडयथ |
| उत्तमपुरुषः | खेडयामि | खेडयावः | खेडयामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खेडयाञ्चकार, खेडयामास, खेडयाम्बभूव | खेडयाञ्चक्रतुः, खेडयामासतुः, खेडयाम्बभूवतुः | खेडयाञ्चक्रुः, खेडयामासुः, खेडयाम्बभूवुः |
| मध्यमपुरुषः | खेडयाञ्चकर्थ, खेडयामासिथ, खेडयाम्बभूविथ | खेडयाञ्चक्रथुः, खेडयामासथुः, खेडयाम्बभूवथुः | खेडयाञ्चक्र, खेडयामास, खेडयाम्बभूव |
| उत्तमपुरुषः | खेडयाञ्चकर, खेडयाञ्चकार, खेडयामास, खेडयाम्बभूव | खेडयाञ्चकृव, खेडयामासिव, खेडयाम्बभूविव | खेडयाञ्चकृम, खेडयामासिम, खेडयाम्बभूविम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खेडयिता | खेडयितारौ | खेडयितारः |
| मध्यमपुरुषः | खेडयितासि | खेडयितास्थः | खेडयितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | खेडयितास्मि | खेडयितास्वः | खेडयितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खेडयिष्यति | खेडयिष्यतः | खेडयिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | खेडयिष्यसि | खेडयिष्यथः | खेडयिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | खेडयिष्यामि | खेडयिष्यावः | खेडयिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खेडयतात्, खेडयताद्, खेडयतु | खेडयताम् | खेडयन्तु |
| मध्यमपुरुषः | खेडय, खेडयतात्, खेडयताद् | खेडयतम् | खेडयत |
| उत्तमपुरुषः | खेडयानि | खेडयाव | खेडयाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अखेडयत्, अखेडयद् | अखेडयताम् | अखेडयन् |
| मध्यमपुरुषः | अखेडयः | अखेडयतम् | अखेडयत |
| उत्तमपुरुषः | अखेडयम् | अखेडयाव | अखेडयाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खेडयेत्, खेडयेद् | खेडयेताम् | खेडयेयुः |
| मध्यमपुरुषः | खेडयेः | खेडयेतम् | खेडयेत |
| उत्तमपुरुषः | खेडयेयम् | खेडयेव | खेडयेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खेड्यात्, खेड्याद् | खेड्यास्ताम् | खेड्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | खेड्याः | खेड्यास्तम् | खेड्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | खेड्यासम् | खेड्यास्व | खेड्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अचीखिडत्, अचीखिडद् | अचीखिडताम् | अचीखिडन् |
| मध्यमपुरुषः | अचीखिडः | अचीखिडतम् | अचीखिडत |
| उत्तमपुरुषः | अचीखिडम् | अचीखिडाव | अचीखिडाम |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अखेडयिष्यत्, अखेडयिष्यद् | अखेडयिष्यताम् | अखेडयिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अखेडयिष्यः | अखेडयिष्यतम् | अखेडयिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अखेडयिष्यम् | अखेडयिष्याव | अखेडयिष्याम |
लट्लकारः (आत्मनेपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खेडयते | खेडयेते | खेडयन्ते |
| मध्यमपुरुषः | खेडयसे | खेडयेथे | खेडयध्वे |
| उत्तमपुरुषः | खेडये | खेडयावहे | खेडयामहे |
लिट्लकारः (आत्मनेपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खेडयाञ्चक्रे, खेडयामास, खेडयाम्बभूव | खेडयाञ्चक्राते, खेडयामासतुः, खेडयाम्बभूवतुः | खेडयाञ्चक्रिरे, खेडयामासुः, खेडयाम्बभूवुः |
| मध्यमपुरुषः | खेडयाञ्चकृषे, खेडयामासिथ, खेडयाम्बभूविथ | खेडयाञ्चक्राथे, खेडयामासथुः, खेडयाम्बभूवथुः | खेडयाञ्चकृढ्वे, खेडयामास, खेडयाम्बभूव |
| उत्तमपुरुषः | खेडयाञ्चक्रे, खेडयामास, खेडयाम्बभूव | खेडयाञ्चकृवहे, खेडयामासिव, खेडयाम्बभूविव | खेडयाञ्चकृमहे, खेडयामासिम, खेडयाम्बभूविम |
लुट्लकारः (आत्मनेपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खेडयिता | खेडयितारौ | खेडयितारः |
| मध्यमपुरुषः | खेडयितासे | खेडयितासाथे | खेडयिताध्वे |
| उत्तमपुरुषः | खेडयिताहे | खेडयितास्वहे | खेडयितास्महे |
लृट्लकारः (आत्मनेपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खेडयिष्यते | खेडयिष्येते | खेडयिष्यन्ते |
| मध्यमपुरुषः | खेडयिष्यसे | खेडयिष्येथे | खेडयिष्यध्वे |
| उत्तमपुरुषः | खेडयिष्ये | खेडयिष्यावहे | खेडयिष्यामहे |
लोट्लकारः (आत्मनेपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खेडयताम् | खेडयेताम् | खेडयन्ताम् |
| मध्यमपुरुषः | खेडयस्व | खेडयेथाम् | खेडयध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | खेडयै | खेडयावहै | खेडयामहै |
लङ्लकारः (आत्मनेपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अखेडयत | अखेडयेताम् | अखेडयन्त |
| मध्यमपुरुषः | अखेडयथाः | अखेडयेथाम् | अखेडयध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अखेडये | अखेडयावहि | अखेडयामहि |
विधिलिङ्लकारः (आत्मनेपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खेडयेत | खेडयेयाताम् | खेडयेरन् |
| मध्यमपुरुषः | खेडयेथाः | खेडयेयाथाम् | खेडयेध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | खेडयेय | खेडयेवहि | खेडयेमहि |
आशीर्लिङ्लकारः (आत्मनेपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खेडयिषीष्ट | खेडयिषीयास्ताम् | खेडयिषीरन् |
| मध्यमपुरुषः | खेडयिषीष्ठाः | खेडयिषीयास्थाम् | खेडयिषीढ्वम्, खेडयिषीध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | खेडयिषीय | खेडयिषीवहि | खेडयिषीमहि |
लुङ्लकारः (आत्मनेपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अचीखिडत | अचीखिडेताम् | अचीखिडन्त |
| मध्यमपुरुषः | अचीखिडथाः | अचीखिडेथाम् | अचीखिडध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अचीखिडे | अचीखिडावहि | अचीखिडामहि |
लृङ्लकारः (आत्मनेपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अखेडयिष्यत | अखेडयिष्येताम् | अखेडयिष्यन्त |
| मध्यमपुरुषः | अखेडयिष्यथाः | अखेडयिष्येथाम् | अखेडयिष्यध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अखेडयिष्ये | अखेडयिष्यावहि | अखेडयिष्यामहि |
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