संस्कृत धातुरूप - खोल् (Samskrit Dhaturoop - khol)
खोल्
अर्थः (Hindi): लंगड़ाना
Meaning (English): to limp
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खोलति | खोलतः | खोलन्ति |
| मध्यमपुरुषः | खोलसि | खोलथः | खोलथ |
| उत्तमपुरुषः | खोलामि | खोलावः | खोलामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चुखोल | चुखोलतुः | चुखोलुः |
| मध्यमपुरुषः | चुखोलिथ | चुखोलथुः | चुखोल |
| उत्तमपुरुषः | चुखोल | चुखोलिव | चुखोलिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खोलिता | खोलितारौ | खोलितारः |
| मध्यमपुरुषः | खोलितासि | खोलितास्थः | खोलितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | खोलितास्मि | खोलितास्वः | खोलितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खोलिष्यति | खोलिष्यतः | खोलिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | खोलिष्यसि | खोलिष्यथः | खोलिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | खोलिष्यामि | खोलिष्यावः | खोलिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खोलतात्, खोलताद्, खोलतु | खोलताम् | खोलन्तु |
| मध्यमपुरुषः | खोल, खोलतात्, खोलताद् | खोलतम् | खोलत |
| उत्तमपुरुषः | खोलानि | खोलाव | खोलाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अखोलत्, अखोलद् | अखोलताम् | अखोलन् |
| मध्यमपुरुषः | अखोलः | अखोलतम् | अखोलत |
| उत्तमपुरुषः | अखोलम् | अखोलाव | अखोलाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खोलेत्, खोलेद् | खोलेताम् | खोलेयुः |
| मध्यमपुरुषः | खोलेः | खोलेतम् | खोलेत |
| उत्तमपुरुषः | खोलेयम् | खोलेव | खोलेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खोल्यात्, खोल्याद् | खोल्यास्ताम् | खोल्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | खोल्याः | खोल्यास्तम् | खोल्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | खोल्यासम् | खोल्यास्व | खोल्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अखोलीत्, अखोलीद् | अखोलिष्टाम् | अखोलिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अखोलीः | अखोलिष्टम् | अखोलिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अखोलिषम् | अखोलिष्व | अखोलिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अखोलिष्यत्, अखोलिष्यद् | अखोलिष्यताम् | अखोलिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अखोलिष्यः | अखोलिष्यतम् | अखोलिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अखोलिष्यम् | अखोलिष्याव | अखोलिष्याम |
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