संस्कृत धातुरूप - खूर्द् (Samskrit Dhaturoop - khUrd)
खूर्द्
अर्थः (Hindi): खेलना
Meaning (English): to leap, to jump
लट्लकारः (आत्मनेपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खूर्दते | खूर्देते | खूर्दन्ते |
| मध्यमपुरुषः | खूर्दसे | खूर्देथे | खूर्दध्वे |
| उत्तमपुरुषः | खूर्दे | खूर्दावहे | खूर्दामहे |
लिट्लकारः (आत्मनेपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चुखूर्दे | चुखूर्दाते | चुखूर्दिरे |
| मध्यमपुरुषः | चुखूर्दिषे | चुखूर्दाथे | चुखूर्दिध्वे |
| उत्तमपुरुषः | चुखूर्दे | चुखूर्दिवहे | चुखूर्दिमहे |
लुट्लकारः (आत्मनेपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खूर्दिता | खूर्दितारौ | खूर्दितारः |
| मध्यमपुरुषः | खूर्दितासे | खूर्दितासाथे | खूर्दिताध्वे |
| उत्तमपुरुषः | खूर्दिताहे | खूर्दितास्वहे | खूर्दितास्महे |
लृट्लकारः (आत्मनेपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खूर्दिष्यते | खूर्दिष्येते | खूर्दिष्यन्ते |
| मध्यमपुरुषः | खूर्दिष्यसे | खूर्दिष्येथे | खूर्दिष्यध्वे |
| उत्तमपुरुषः | खूर्दिष्ये | खूर्दिष्यावहे | खूर्दिष्यामहे |
लोट्लकारः (आत्मनेपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खूर्दताम् | खूर्देताम् | खूर्दन्ताम् |
| मध्यमपुरुषः | खूर्दस्व | खूर्देथाम् | खूर्दध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | खूर्दै | खूर्दावहै | खूर्दामहै |
लङ्लकारः (आत्मनेपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अखूर्दत | अखूर्देताम् | अखूर्दन्त |
| मध्यमपुरुषः | अखूर्दथाः | अखूर्देथाम् | अखूर्दध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अखूर्दे | अखूर्दावहि | अखूर्दामहि |
विधिलिङ्लकारः (आत्मनेपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खूर्देत | खूर्देयाताम् | खूर्देरन् |
| मध्यमपुरुषः | खूर्देथाः | खूर्देयाथाम् | खूर्देध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | खूर्देय | खूर्देवहि | खूर्देमहि |
आशीर्लिङ्लकारः (आत्मनेपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | खूर्दिषीष्ट | खूर्दिषीयास्ताम् | खूर्दिषीरन् |
| मध्यमपुरुषः | खूर्दिषीष्ठाः | खूर्दिषीयास्थाम् | खूर्दिषीध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | खूर्दिषीय | खूर्दिषीवहि | खूर्दिषीमहि |
लुङ्लकारः (आत्मनेपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अखूर्दिष्ट | अखूर्दिषाताम् | अखूर्दिषत |
| मध्यमपुरुषः | अखूर्दिष्ठाः | अखूर्दिषाथाम् | अखूर्दिध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अखूर्दिषि | अखूर्दिष्वहि | अखूर्दिष्महि |
लृङ्लकारः (आत्मनेपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अखूर्दिष्यत | अखूर्दिष्येताम् | अखूर्दिष्यन्त |
| मध्यमपुरुषः | अखूर्दिष्यथाः | अखूर्दिष्येथाम् | अखूर्दिष्यध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अखूर्दिष्ये | अखूर्दिष्यावहि | अखूर्दिष्यामहि |
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