संस्कृत धातुरूप - क्लप् (Samskrit Dhaturoop - klap)
क्लप्
अर्थः (Hindi): स्पष्ट बोलना
Meaning (English): to speak articulately, to talk clearly
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | क्लापयति | क्लापयतः | क्लापयन्ति |
| मध्यमपुरुषः | क्लापयसि | क्लापयथः | क्लापयथ |
| उत्तमपुरुषः | क्लापयामि | क्लापयावः | क्लापयामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | क्लापयाञ्चकार, क्लापयामास, क्लापयाम्बभूव | क्लापयाञ्चक्रतुः, क्लापयामासतुः, क्लापयाम्बभूवतुः | क्लापयाञ्चक्रुः, क्लापयामासुः, क्लापयाम्बभूवुः |
| मध्यमपुरुषः | क्लापयाञ्चकर्थ, क्लापयामासिथ, क्लापयाम्बभूविथ | क्लापयाञ्चक्रथुः, क्लापयामासथुः, क्लापयाम्बभूवथुः | क्लापयाञ्चक्र, क्लापयामास, क्लापयाम्बभूव |
| उत्तमपुरुषः | क्लापयाञ्चकर, क्लापयाञ्चकार, क्लापयामास, क्लापयाम्बभूव | क्लापयाञ्चकृव, क्लापयामासिव, क्लापयाम्बभूविव | क्लापयाञ्चकृम, क्लापयामासिम, क्लापयाम्बभूविम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | क्लापयिता | क्लापयितारौ | क्लापयितारः |
| मध्यमपुरुषः | क्लापयितासि | क्लापयितास्थः | क्लापयितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | क्लापयितास्मि | क्लापयितास्वः | क्लापयितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | क्लापयिष्यति | क्लापयिष्यतः | क्लापयिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | क्लापयिष्यसि | क्लापयिष्यथः | क्लापयिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | क्लापयिष्यामि | क्लापयिष्यावः | क्लापयिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | क्लापयतात्, क्लापयताद्, क्लापयतु | क्लापयताम् | क्लापयन्तु |
| मध्यमपुरुषः | क्लापय, क्लापयतात्, क्लापयताद् | क्लापयतम् | क्लापयत |
| उत्तमपुरुषः | क्लापयानि | क्लापयाव | क्लापयाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अक्लापयत्, अक्लापयद् | अक्लापयताम् | अक्लापयन् |
| मध्यमपुरुषः | अक्लापयः | अक्लापयतम् | अक्लापयत |
| उत्तमपुरुषः | अक्लापयम् | अक्लापयाव | अक्लापयाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | क्लापयेत्, क्लापयेद् | क्लापयेताम् | क्लापयेयुः |
| मध्यमपुरुषः | क्लापयेः | क्लापयेतम् | क्लापयेत |
| उत्तमपुरुषः | क्लापयेयम् | क्लापयेव | क्लापयेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | क्लाप्यात्, क्लाप्याद् | क्लाप्यास्ताम् | क्लाप्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | क्लाप्याः | क्लाप्यास्तम् | क्लाप्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | क्लाप्यासम् | क्लाप्यास्व | क्लाप्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अचिक्लपत्, अचिक्लपद् | अचिक्लपताम् | अचिक्लपन् |
| मध्यमपुरुषः | अचिक्लपः | अचिक्लपतम् | अचिक्लपत |
| उत्तमपुरुषः | अचिक्लपम् | अचिक्लपाव | अचिक्लपाम |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अक्लापयिष्यत्, अक्लापयिष्यद् | अक्लापयिष्यताम् | अक्लापयिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अक्लापयिष्यः | अक्लापयिष्यतम् | अक्लापयिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अक्लापयिष्यम् | अक्लापयिष्याव | अक्लापयिष्याम |
लट्लकारः (आत्मनेपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | क्लापयते | क्लापयेते | क्लापयन्ते |
| मध्यमपुरुषः | क्लापयसे | क्लापयेथे | क्लापयध्वे |
| उत्तमपुरुषः | क्लापये | क्लापयावहे | क्लापयामहे |
लिट्लकारः (आत्मनेपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | क्लापयाञ्चक्रे, क्लापयामास, क्लापयाम्बभूव | क्लापयाञ्चक्राते, क्लापयामासतुः, क्लापयाम्बभूवतुः | क्लापयाञ्चक्रिरे, क्लापयामासुः, क्लापयाम्बभूवुः |
| मध्यमपुरुषः | क्लापयाञ्चकृषे, क्लापयामासिथ, क्लापयाम्बभूविथ | क्लापयाञ्चक्राथे, क्लापयामासथुः, क्लापयाम्बभूवथुः | क्लापयाञ्चकृढ्वे, क्लापयामास, क्लापयाम्बभूव |
| उत्तमपुरुषः | क्लापयाञ्चक्रे, क्लापयामास, क्लापयाम्बभूव | क्लापयाञ्चकृवहे, क्लापयामासिव, क्लापयाम्बभूविव | क्लापयाञ्चकृमहे, क्लापयामासिम, क्लापयाम्बभूविम |
लुट्लकारः (आत्मनेपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | क्लापयिता | क्लापयितारौ | क्लापयितारः |
| मध्यमपुरुषः | क्लापयितासे | क्लापयितासाथे | क्लापयिताध्वे |
| उत्तमपुरुषः | क्लापयिताहे | क्लापयितास्वहे | क्लापयितास्महे |
लृट्लकारः (आत्मनेपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | क्लापयिष्यते | क्लापयिष्येते | क्लापयिष्यन्ते |
| मध्यमपुरुषः | क्लापयिष्यसे | क्लापयिष्येथे | क्लापयिष्यध्वे |
| उत्तमपुरुषः | क्लापयिष्ये | क्लापयिष्यावहे | क्लापयिष्यामहे |
लोट्लकारः (आत्मनेपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | क्लापयताम् | क्लापयेताम् | क्लापयन्ताम् |
| मध्यमपुरुषः | क्लापयस्व | क्लापयेथाम् | क्लापयध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | क्लापयै | क्लापयावहै | क्लापयामहै |
लङ्लकारः (आत्मनेपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अक्लापयत | अक्लापयेताम् | अक्लापयन्त |
| मध्यमपुरुषः | अक्लापयथाः | अक्लापयेथाम् | अक्लापयध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अक्लापये | अक्लापयावहि | अक्लापयामहि |
विधिलिङ्लकारः (आत्मनेपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | क्लापयेत | क्लापयेयाताम् | क्लापयेरन् |
| मध्यमपुरुषः | क्लापयेथाः | क्लापयेयाथाम् | क्लापयेध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | क्लापयेय | क्लापयेवहि | क्लापयेमहि |
आशीर्लिङ्लकारः (आत्मनेपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | क्लापयिषीष्ट | क्लापयिषीयास्ताम् | क्लापयिषीरन् |
| मध्यमपुरुषः | क्लापयिषीष्ठाः | क्लापयिषीयास्थाम् | क्लापयिषीढ्वम्, क्लापयिषीध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | क्लापयिषीय | क्लापयिषीवहि | क्लापयिषीमहि |
लुङ्लकारः (आत्मनेपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अचिक्लपत | अचिक्लपेताम् | अचिक्लपन्त |
| मध्यमपुरुषः | अचिक्लपथाः | अचिक्लपेथाम् | अचिक्लपध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अचिक्लपे | अचिक्लपावहि | अचिक्लपामहि |
लृङ्लकारः (आत्मनेपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अक्लापयिष्यत | अक्लापयिष्येताम् | अक्लापयिष्यन्त |
| मध्यमपुरुषः | अक्लापयिष्यथाः | अक्लापयिष्येथाम् | अक्लापयिष्यध्वम् |
| उत्तमपुरुषः | अक्लापयिष्ये | अक्लापयिष्यावहि | अक्लापयिष्यामहि |
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