संस्कृत धातुरूप - कुच् (Samskrit Dhaturoop - kuch)
कुच्
अर्थः (Hindi): पक्षी के सामान जोर से शब्द करना
Meaning (English): to utter a shrill cry, to make a birdlike sound
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कोचति | कोचतः | कोचन्ति |
| मध्यमपुरुषः | कोचसि | कोचथः | कोचथ |
| उत्तमपुरुषः | कोचामि | कोचावः | कोचामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चुकोच | चुकुचतुः | चुकुचुः |
| मध्यमपुरुषः | चुकोचिथ | चुकुचथुः | चुकुच |
| उत्तमपुरुषः | चुकोच | चुकुचिव | चुकुचिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कोचिता | कोचितारौ | कोचितारः |
| मध्यमपुरुषः | कोचितासि | कोचितास्थः | कोचितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | कोचितास्मि | कोचितास्वः | कोचितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कोचिष्यति | कोचिष्यतः | कोचिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | कोचिष्यसि | कोचिष्यथः | कोचिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | कोचिष्यामि | कोचिष्यावः | कोचिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कोचतात्, कोचताद्, कोचतु | कोचताम् | कोचन्तु |
| मध्यमपुरुषः | कोच, कोचतात्, कोचताद् | कोचतम् | कोचत |
| उत्तमपुरुषः | कोचानि | कोचाव | कोचाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकोचत्, अकोचद् | अकोचताम् | अकोचन् |
| मध्यमपुरुषः | अकोचः | अकोचतम् | अकोचत |
| उत्तमपुरुषः | अकोचम् | अकोचाव | अकोचाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कोचेत्, कोचेद् | कोचेताम् | कोचेयुः |
| मध्यमपुरुषः | कोचेः | कोचेतम् | कोचेत |
| उत्तमपुरुषः | कोचेयम् | कोचेव | कोचेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कुच्यात्, कुच्याद् | कुच्यास्ताम् | कुच्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | कुच्याः | कुच्यास्तम् | कुच्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | कुच्यासम् | कुच्यास्व | कुच्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकोचीत्, अकोचीद् | अकोचिष्टाम् | अकोचिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अकोचीः | अकोचिष्टम् | अकोचिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अकोचिषम् | अकोचिष्व | अकोचिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकोचिष्यत्, अकोचिष्यद् | अकोचिष्यताम् | अकोचिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अकोचिष्यः | अकोचिष्यतम् | अकोचिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अकोचिष्यम् | अकोचिष्याव | अकोचिष्याम |
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