संस्कृत धातुरूप - कुज् (Samskrit Dhaturoop - kuj)
कुज्
अर्थः (Hindi): चोरी करना
Meaning (English): to rob,to steal
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कोजति | कोजतः | कोजन्ति |
| मध्यमपुरुषः | कोजसि | कोजथः | कोजथ |
| उत्तमपुरुषः | कोजामि | कोजावः | कोजामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चुकोज | चुकुजतुः | चुकुजुः |
| मध्यमपुरुषः | चुकोजिथ | चुकुजथुः | चुकुज |
| उत्तमपुरुषः | चुकोज | चुकुजिव | चुकुजिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कोजिता | कोजितारौ | कोजितारः |
| मध्यमपुरुषः | कोजितासि | कोजितास्थः | कोजितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | कोजितास्मि | कोजितास्वः | कोजितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कोजिष्यति | कोजिष्यतः | कोजिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | कोजिष्यसि | कोजिष्यथः | कोजिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | कोजिष्यामि | कोजिष्यावः | कोजिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कोजतात्, कोजताद्, कोजतु | कोजताम् | कोजन्तु |
| मध्यमपुरुषः | कोज, कोजतात्, कोजताद् | कोजतम् | कोजत |
| उत्तमपुरुषः | कोजानि | कोजाव | कोजाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकोजत्, अकोजद् | अकोजताम् | अकोजन् |
| मध्यमपुरुषः | अकोजः | अकोजतम् | अकोजत |
| उत्तमपुरुषः | अकोजम् | अकोजाव | अकोजाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कोजेत्, कोजेद् | कोजेताम् | कोजेयुः |
| मध्यमपुरुषः | कोजेः | कोजेतम् | कोजेत |
| उत्तमपुरुषः | कोजेयम् | कोजेव | कोजेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कुज्यात्, कुज्याद् | कुज्यास्ताम् | कुज्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | कुज्याः | कुज्यास्तम् | कुज्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | कुज्यासम् | कुज्यास्व | कुज्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकोजीत्, अकोजीद् | अकोजिष्टाम् | अकोजिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अकोजीः | अकोजिष्टम् | अकोजिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अकोजिषम् | अकोजिष्व | अकोजिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकोजिष्यत्, अकोजिष्यद् | अकोजिष्यताम् | अकोजिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अकोजिष्यः | अकोजिष्यतम् | अकोजिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अकोजिष्यम् | अकोजिष्याव | अकोजिष्याम |
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