संस्कृत धातुरूप - कुण् (Samskrit Dhaturoop - kuN)
कुण्
अर्थः (Hindi): शब्द करना, दानादिक से संरक्षण करना, संभालना
Meaning (English): to sound, to gift, to support financially, to take care
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कुणति | कुणतः | कुणन्ति |
| मध्यमपुरुषः | कुणसि | कुणथः | कुणथ |
| उत्तमपुरुषः | कुणामि | कुणावः | कुणामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चुकोण | चुकुणतुः | चुकुणुः |
| मध्यमपुरुषः | चुकोणिथ | चुकुणथुः | चुकुण |
| उत्तमपुरुषः | चुकोण | चुकुणिव | चुकुणिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कोणिता | कोणितारौ | कोणितारः |
| मध्यमपुरुषः | कोणितासि | कोणितास्थः | कोणितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | कोणितास्मि | कोणितास्वः | कोणितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कोणिष्यति | कोणिष्यतः | कोणिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | कोणिष्यसि | कोणिष्यथः | कोणिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | कोणिष्यामि | कोणिष्यावः | कोणिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कुणतात्, कुणताद्, कुणतु | कुणताम् | कुणन्तु |
| मध्यमपुरुषः | कुण, कुणतात्, कुणताद् | कुणतम् | कुणत |
| उत्तमपुरुषः | कुणानि | कुणाव | कुणाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकुणत्, अकुणद् | अकुणताम् | अकुणन् |
| मध्यमपुरुषः | अकुणः | अकुणतम् | अकुणत |
| उत्तमपुरुषः | अकुणम् | अकुणाव | अकुणाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कुणेत्, कुणेद् | कुणेताम् | कुणेयुः |
| मध्यमपुरुषः | कुणेः | कुणेतम् | कुणेत |
| उत्तमपुरुषः | कुणेयम् | कुणेव | कुणेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कुण्यात्, कुण्याद् | कुण्यास्ताम् | कुण्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | कुण्याः | कुण्यास्तम् | कुण्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | कुण्यासम् | कुण्यास्व | कुण्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकोणीत्, अकोणीद् | अकोणिष्टाम् | अकोणिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अकोणीः | अकोणिष्टम् | अकोणिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अकोणिषम् | अकोणिष्व | अकोणिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकोणिष्यत्, अकोणिष्यद् | अकोणिष्यताम् | अकोणिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अकोणिष्यः | अकोणिष्यतम् | अकोणिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अकोणिष्यम् | अकोणिष्याव | अकोणिष्याम |
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