कुष्
अर्थः (Hindi): बाहर निकालना, रगड़ के निकालना, कसौटी पर घिसके सोने आदि की परीक्षा करना
Meaning (English): to take out, to extract, to examine a metal, to investigate purity of a metal
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कुष्णाति | कुष्णीतः | कुष्णन्ति |
| मध्यमपुरुषः | कुष्णासि | कुष्णीथः | कुष्णीथ |
| उत्तमपुरुषः | कुष्णामि | कुष्णीवः | कुष्णीमः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | चुकोष | चुकुषतुः | चुकुषुः |
| मध्यमपुरुषः | चुकोषिथ | चुकुषथुः | चुकुष |
| उत्तमपुरुषः | चुकोष | चुकुषिव | चुकुषिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कोषिता | कोषितारौ | कोषितारः |
| मध्यमपुरुषः | कोषितासि | कोषितास्थः | कोषितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | कोषितास्मि | कोषितास्वः | कोषितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कोषिष्यति | कोषिष्यतः | कोषिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | कोषिष्यसि | कोषिष्यथः | कोषिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | कोषिष्यामि | कोषिष्यावः | कोषिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कुष्णातु, कुष्णीतात्, कुष्णीताद् | कुष्णीताम् | कुष्णन्तु |
| मध्यमपुरुषः | कुषाण, कुष्णीतात्, कुष्णीताद् | कुष्णीतम् | कुष्णीत |
| उत्तमपुरुषः | कुष्णानि | कुष्णाव | कुष्णाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकुष्णात्, अकुष्णाद् | अकुष्णीताम् | अकुष्णन् |
| मध्यमपुरुषः | अकुष्णाः | अकुष्णीतम् | अकुष्णीत |
| उत्तमपुरुषः | अकुष्णाम् | अकुष्णीव | अकुष्णीम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कुष्णीयात्, कुष्णीयाद् | कुष्णीयाताम् | कुष्णीयुः |
| मध्यमपुरुषः | कुष्णीयाः | कुष्णीयातम् | कुष्णीयात |
| उत्तमपुरुषः | कुष्णीयाम् | कुष्णीयाव | कुष्णीयाम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | कुष्यात्, कुष्याद् | कुष्यास्ताम् | कुष्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | कुष्याः | कुष्यास्तम् | कुष्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | कुष्यासम् | कुष्यास्व | कुष्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकोषीत्, अकोषीद् | अकोषिष्टाम् | अकोषिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अकोषीः | अकोषिष्टम् | अकोषिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अकोषिषम् | अकोषिष्व | अकोषिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अकोषिष्यत्, अकोषिष्यद् | अकोषिष्यताम् | अकोषिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अकोषिष्यः | अकोषिष्यतम् | अकोषिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अकोषिष्यम् | अकोषिष्याव | अकोषिष्याम |
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