संस्कृत धातुरूप - लिङ्ग् (Samskrit Dhaturoop - li~Ng)
लिङ्ग्
अर्थः (Hindi): जाना
Meaning (English): to go
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | लिङ्गति | लिङ्गतः | लिङ्गन्ति |
| मध्यमपुरुषः | लिङ्गसि | लिङ्गथः | लिङ्गथ |
| उत्तमपुरुषः | लिङ्गामि | लिङ्गावः | लिङ्गामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | लिलिङ्ग | लिलिङ्गतुः | लिलिङ्गुः |
| मध्यमपुरुषः | लिलिङ्गिथ | लिलिङ्गथुः | लिलिङ्ग |
| उत्तमपुरुषः | लिलिङ्ग | लिलिङ्गिव | लिलिङ्गिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | लिङ्गिता | लिङ्गितारौ | लिङ्गितारः |
| मध्यमपुरुषः | लिङ्गितासि | लिङ्गितास्थः | लिङ्गितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | लिङ्गितास्मि | लिङ्गितास्वः | लिङ्गितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | लिङ्गिष्यति | लिङ्गिष्यतः | लिङ्गिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | लिङ्गिष्यसि | लिङ्गिष्यथः | लिङ्गिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | लिङ्गिष्यामि | लिङ्गिष्यावः | लिङ्गिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | लिङ्गतात्, लिङ्गताद्, लिङ्गतु | लिङ्गताम् | लिङ्गन्तु |
| मध्यमपुरुषः | लिङ्ग, लिङ्गतात्, लिङ्गताद् | लिङ्गतम् | लिङ्गत |
| उत्तमपुरुषः | लिङ्गानि | लिङ्गाव | लिङ्गाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अलिङ्गत्, अलिङ्गद् | अलिङ्गताम् | अलिङ्गन् |
| मध्यमपुरुषः | अलिङ्गः | अलिङ्गतम् | अलिङ्गत |
| उत्तमपुरुषः | अलिङ्गम् | अलिङ्गाव | अलिङ्गाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | लिङ्गेत्, लिङ्गेद् | लिङ्गेताम् | लिङ्गेयुः |
| मध्यमपुरुषः | लिङ्गेः | लिङ्गेतम् | लिङ्गेत |
| उत्तमपुरुषः | लिङ्गेयम् | लिङ्गेव | लिङ्गेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | लिङ्ग्यात्, लिङ्ग्याद् | लिङ्ग्यास्ताम् | लिङ्ग्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | लिङ्ग्याः | लिङ्ग्यास्तम् | लिङ्ग्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | लिङ्ग्यासम् | लिङ्ग्यास्व | लिङ्ग्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अलिङ्गीत्, अलिङ्गीद् | अलिङ्गिष्टाम् | अलिङ्गिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अलिङ्गीः | अलिङ्गिष्टम् | अलिङ्गिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अलिङ्गिषम् | अलिङ्गिष्व | अलिङ्गिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अलिङ्गिष्यत्, अलिङ्गिष्यद् | अलिङ्गिष्यताम् | अलिङ्गिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अलिङ्गिष्यः | अलिङ्गिष्यतम् | अलिङ्गिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अलिङ्गिष्यम् | अलिङ्गिष्याव | अलिङ्गिष्याम |
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