संस्कृत धातुरूप - पिट् (Samskrit Dhaturoop - piT)
पिट्
अर्थः (Hindi): शब्द करना, ढेर करना
Meaning (English): to sound, to heap, to pile up
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | पेटति | पेटतः | पेटन्ति |
| मध्यमपुरुषः | पेटसि | पेटथः | पेटथ |
| उत्तमपुरुषः | पेटामि | पेटावः | पेटामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | पिपेट | पिपिटतुः | पिपिटुः |
| मध्यमपुरुषः | पिपेटिथ | पिपिटथुः | पिपिट |
| उत्तमपुरुषः | पिपेट | पिपिटिव | पिपिटिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | पेटिता | पेटितारौ | पेटितारः |
| मध्यमपुरुषः | पेटितासि | पेटितास्थः | पेटितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | पेटितास्मि | पेटितास्वः | पेटितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | पेटिष्यति | पेटिष्यतः | पेटिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | पेटिष्यसि | पेटिष्यथः | पेटिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | पेटिष्यामि | पेटिष्यावः | पेटिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | पेटतात्, पेटताद्, पेटतु | पेटताम् | पेटन्तु |
| मध्यमपुरुषः | पेट, पेटतात्, पेटताद् | पेटतम् | पेटत |
| उत्तमपुरुषः | पेटानि | पेटाव | पेटाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अपेटत्, अपेटद् | अपेटताम् | अपेटन् |
| मध्यमपुरुषः | अपेटः | अपेटतम् | अपेटत |
| उत्तमपुरुषः | अपेटम् | अपेटाव | अपेटाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | पेटेत्, पेटेद् | पेटेताम् | पेटेयुः |
| मध्यमपुरुषः | पेटेः | पेटेतम् | पेटेत |
| उत्तमपुरुषः | पेटेयम् | पेटेव | पेटेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | पिट्यात्, पिट्याद् | पिट्यास्ताम् | पिट्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | पिट्याः | पिट्यास्तम् | पिट्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | पिट्यासम् | पिट्यास्व | पिट्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अपेटीत्, अपेटीद् | अपेटिष्टाम् | अपेटिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अपेटीः | अपेटिष्टम् | अपेटिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अपेटिषम् | अपेटिष्व | अपेटिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अपेटिष्यत्, अपेटिष्यद् | अपेटिष्यताम् | अपेटिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अपेटिष्यः | अपेटिष्यतम् | अपेटिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अपेटिष्यम् | अपेटिष्याव | अपेटिष्याम |
विचाराः (Your Thoughts)
स्वविचारान् लिखतु (Write your thoughts below)
Loading comment access...