संस्कृत धातुरूप - सस् (Samskrit Dhaturoop - sas)
सस्
अर्थः (Hindi): सोना
Meaning (English): to sleep
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सस्ति | सस्तः | ससन्ति |
| मध्यमपुरुषः | सस्सि | सस्थः | सस्थ |
| उत्तमपुरुषः | सस्मि | सस्वः | सस्मः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ससास | सेसतुः | सेसुः |
| मध्यमपुरुषः | सेसिथ | सेसथुः | सेस |
| उत्तमपुरुषः | ससस, ससास | सेसिव | सेसिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ससिता | ससितारौ | ससितारः |
| मध्यमपुरुषः | ससितासि | ससितास्थः | ससितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | ससितास्मि | ससितास्वः | ससितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ससिष्यति | ससिष्यतः | ससिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | ससिष्यसि | ससिष्यथः | ससिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | ससिष्यामि | ससिष्यावः | ससिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सस्तात्, सस्ताद्, सस्तु | सस्ताम् | ससन्तु |
| मध्यमपुरुषः | सधि, सस्तात्, सस्ताद् | सस्तम् | सस्त |
| उत्तमपुरुषः | ससानि | ससाव | ससाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | असत्, असद् | असस्ताम् | अससन् |
| मध्यमपुरुषः | असः, असत्, असद् | असस्तम् | असस्त |
| उत्तमपुरुषः | अससम् | असस्व | असस्म |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सस्यात्, सस्याद् | सस्याताम् | सस्युः |
| मध्यमपुरुषः | सस्याः | सस्यातम् | सस्यात |
| उत्तमपुरुषः | सस्याम् | सस्याव | सस्याम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सस्यात्, सस्याद् | सस्यास्ताम् | सस्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | सस्याः | सस्यास्तम् | सस्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | सस्यासम् | सस्यास्व | सस्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अससीत्, अससीद्, असासीत्, असासीद् | अससिष्टाम्, असासिष्टाम् | अससिषुः, असासिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अससीः, असासीः | अससिष्टम्, असासिष्टम् | अससिष्ट, असासिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अससिषम्, असासिषम् | अससिष्व, असासिष्व | अससिष्म, असासिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अससिष्यत्, अससिष्यद् | अससिष्यताम् | अससिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अससिष्यः | अससिष्यतम् | अससिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अससिष्यम् | अससिष्याव | अससिष्याम |
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