शठ्
अर्थः (Hindi): ठगना, मार देना, कष्ट देना
Meaning (English): to cheat,to defraud, to kill, to give pain
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | शठति | शठतः | शठन्ति |
| मध्यमपुरुषः | शठसि | शठथः | शठथ |
| उत्तमपुरुषः | शठामि | शठावः | शठामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | शशाठ | शेठतुः | शेठुः |
| मध्यमपुरुषः | शेठिथ | शेठथुः | शेठ |
| उत्तमपुरुषः | शशठ, शशाठ | शेठिव | शेठिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | शठिता | शठितारौ | शठितारः |
| मध्यमपुरुषः | शठितासि | शठितास्थः | शठितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | शठितास्मि | शठितास्वः | शठितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | शठिष्यति | शठिष्यतः | शठिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | शठिष्यसि | शठिष्यथः | शठिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | शठिष्यामि | शठिष्यावः | शठिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | शठतात्, शठताद्, शठतु | शठताम् | शठन्तु |
| मध्यमपुरुषः | शठ, शठतात्, शठताद् | शठतम् | शठत |
| उत्तमपुरुषः | शठानि | शठाव | शठाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अशठत्, अशठद् | अशठताम् | अशठन् |
| मध्यमपुरुषः | अशठः | अशठतम् | अशठत |
| उत्तमपुरुषः | अशठम् | अशठाव | अशठाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | शठेत्, शठेद् | शठेताम् | शठेयुः |
| मध्यमपुरुषः | शठेः | शठेतम् | शठेत |
| उत्तमपुरुषः | शठेयम् | शठेव | शठेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | शठ्यात्, शठ्याद् | शठ्यास्ताम् | शठ्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | शठ्याः | शठ्यास्तम् | शठ्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | शठ्यासम् | शठ्यास्व | शठ्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अशठीत्, अशठीद्, अशाठीत्, अशाठीद् | अशठिष्टाम्, अशाठिष्टाम् | अशठिषुः, अशाठिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अशठीः, अशाठीः | अशठिष्टम्, अशाठिष्टम् | अशठिष्ट, अशाठिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अशठिषम्, अशाठिषम् | अशठिष्व, अशाठिष्व | अशठिष्म, अशाठिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अशठिष्यत्, अशठिष्यद् | अशठिष्यताम् | अशठिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अशठिष्यः | अशठिष्यतम् | अशठिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अशठिष्यम् | अशठिष्याव | अशठिष्याम |
विचाराः (Your Thoughts)
स्वविचारान् लिखतु (Write your thoughts below)
Loading comment access...