संस्कृत धातुरूप - सिल् (Samskrit Dhaturoop - sil)
सिल्
अर्थः (Hindi): बीनना, एक एक कर के बीनना
Meaning (English): to glean
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सिलति | सिलतः | सिलन्ति |
| मध्यमपुरुषः | सिलसि | सिलथः | सिलथ |
| उत्तमपुरुषः | सिलामि | सिलावः | सिलामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सिषेल | सिषिलतुः | सिषिलुः |
| मध्यमपुरुषः | सिषेलिथ | सिषिलथुः | सिषिल |
| उत्तमपुरुषः | सिषेल | सिषिलिव | सिषिलिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सेलिता | सेलितारौ | सेलितारः |
| मध्यमपुरुषः | सेलितासि | सेलितास्थः | सेलितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | सेलितास्मि | सेलितास्वः | सेलितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सेलिष्यति | सेलिष्यतः | सेलिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | सेलिष्यसि | सेलिष्यथः | सेलिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | सेलिष्यामि | सेलिष्यावः | सेलिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सिलतात्, सिलताद्, सिलतु | सिलताम् | सिलन्तु |
| मध्यमपुरुषः | सिल, सिलतात्, सिलताद् | सिलतम् | सिलत |
| उत्तमपुरुषः | सिलानि | सिलाव | सिलाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | असिलत्, असिलद् | असिलताम् | असिलन् |
| मध्यमपुरुषः | असिलः | असिलतम् | असिलत |
| उत्तमपुरुषः | असिलम् | असिलाव | असिलाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सिलेत्, सिलेद् | सिलेताम् | सिलेयुः |
| मध्यमपुरुषः | सिलेः | सिलेतम् | सिलेत |
| उत्तमपुरुषः | सिलेयम् | सिलेव | सिलेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सिल्यात्, सिल्याद् | सिल्यास्ताम् | सिल्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | सिल्याः | सिल्यास्तम् | सिल्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | सिल्यासम् | सिल्यास्व | सिल्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | असेलीत्, असेलीद् | असेलिष्टाम् | असेलिषुः |
| मध्यमपुरुषः | असेलीः | असेलिष्टम् | असेलिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | असेलिषम् | असेलिष्व | असेलिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | असेलिष्यत्, असेलिष्यद् | असेलिष्यताम् | असेलिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | असेलिष्यः | असेलिष्यतम् | असेलिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | असेलिष्यम् | असेलिष्याव | असेलिष्याम |
विचाराः (Your Thoughts)
स्वविचारान् लिखतु (Write your thoughts below)
Loading comment access...