संस्कृत धातुरूप - सूर्क्ष् (Samskrit Dhaturoop - sUrkSh)
सूर्क्ष्
अर्थः (Hindi): आदर करना, सम्मान करना
Meaning (English): to respect, to honor
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सूर्क्षति | सूर्क्षतः | सूर्क्षन्ति |
| मध्यमपुरुषः | सूर्क्षसि | सूर्क्षथः | सूर्क्षथ |
| उत्तमपुरुषः | सूर्क्षामि | सूर्क्षावः | सूर्क्षामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सुसूर्क्ष | सुसूर्क्षतुः | सुसूर्क्षुः |
| मध्यमपुरुषः | सुसूर्क्षिथ | सुसूर्क्षथुः | सुसूर्क्ष |
| उत्तमपुरुषः | सुसूर्क्ष | सुसूर्क्षिव | सुसूर्क्षिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सूर्क्षिता | सूर्क्षितारौ | सूर्क्षितारः |
| मध्यमपुरुषः | सूर्क्षितासि | सूर्क्षितास्थः | सूर्क्षितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | सूर्क्षितास्मि | सूर्क्षितास्वः | सूर्क्षितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सूर्क्षिष्यति | सूर्क्षिष्यतः | सूर्क्षिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | सूर्क्षिष्यसि | सूर्क्षिष्यथः | सूर्क्षिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | सूर्क्षिष्यामि | सूर्क्षिष्यावः | सूर्क्षिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सूर्क्षतात्, सूर्क्षताद्, सूर्क्षतु | सूर्क्षताम् | सूर्क्षन्तु |
| मध्यमपुरुषः | सूर्क्ष, सूर्क्षतात्, सूर्क्षताद् | सूर्क्षतम् | सूर्क्षत |
| उत्तमपुरुषः | सूर्क्षाणि | सूर्क्षाव | सूर्क्षाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | असूर्क्षत्, असूर्क्षद् | असूर्क्षताम् | असूर्क्षन् |
| मध्यमपुरुषः | असूर्क्षः | असूर्क्षतम् | असूर्क्षत |
| उत्तमपुरुषः | असूर्क्षम् | असूर्क्षाव | असूर्क्षाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सूर्क्षेत्, सूर्क्षेद् | सूर्क्षेताम् | सूर्क्षेयुः |
| मध्यमपुरुषः | सूर्क्षेः | सूर्क्षेतम् | सूर्क्षेत |
| उत्तमपुरुषः | सूर्क्षेयम् | सूर्क्षेव | सूर्क्षेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सूर्क्ष्यात्, सूर्क्ष्याद् | सूर्क्ष्यास्ताम् | सूर्क्ष्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | सूर्क्ष्याः | सूर्क्ष्यास्तम् | सूर्क्ष्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | सूर्क्ष्यासम् | सूर्क्ष्यास्व | सूर्क्ष्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | असूर्क्षीत्, असूर्क्षीद् | असूर्क्षिष्टाम् | असूर्क्षिषुः |
| मध्यमपुरुषः | असूर्क्षीः | असूर्क्षिष्टम् | असूर्क्षिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | असूर्क्षिषम् | असूर्क्षिष्व | असूर्क्षिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | असूर्क्षिष्यत्, असूर्क्षिष्यद् | असूर्क्षिष्यताम् | असूर्क्षिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | असूर्क्षिष्यः | असूर्क्षिष्यतम् | असूर्क्षिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | असूर्क्षिष्यम् | असूर्क्षिष्याव | असूर्क्षिष्याम |
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