संस्कृत धातुरूप - सृभ् (Samskrit Dhaturoop - sRRibh)
सृभ्
अर्थः (Hindi): मारना
Meaning (English): to kill, to destroy
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सर्भति | सर्भतः | सर्भन्ति |
| मध्यमपुरुषः | सर्भसि | सर्भथः | सर्भथ |
| उत्तमपुरुषः | सर्भामि | सर्भावः | सर्भामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ससर्भ | ससृभतुः | ससृभुः |
| मध्यमपुरुषः | ससर्भिथ | ससृभथुः | ससृभ |
| उत्तमपुरुषः | ससर्भ | ससृभिव | ससृभिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सर्भिता | सर्भितारौ | सर्भितारः |
| मध्यमपुरुषः | सर्भितासि | सर्भितास्थः | सर्भितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | सर्भितास्मि | सर्भितास्वः | सर्भितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सर्भिष्यति | सर्भिष्यतः | सर्भिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | सर्भिष्यसि | सर्भिष्यथः | सर्भिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | सर्भिष्यामि | सर्भिष्यावः | सर्भिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सर्भतात्, सर्भताद्, सर्भतु | सर्भताम् | सर्भन्तु |
| मध्यमपुरुषः | सर्भ, सर्भतात्, सर्भताद् | सर्भतम् | सर्भत |
| उत्तमपुरुषः | सर्भाणि | सर्भाव | सर्भाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | असर्भत्, असर्भद् | असर्भताम् | असर्भन् |
| मध्यमपुरुषः | असर्भः | असर्भतम् | असर्भत |
| उत्तमपुरुषः | असर्भम् | असर्भाव | असर्भाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सर्भेत्, सर्भेद् | सर्भेताम् | सर्भेयुः |
| मध्यमपुरुषः | सर्भेः | सर्भेतम् | सर्भेत |
| उत्तमपुरुषः | सर्भेयम् | सर्भेव | सर्भेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | सृभ्यात्, सृभ्याद् | सृभ्यास्ताम् | सृभ्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | सृभ्याः | सृभ्यास्तम् | सृभ्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | सृभ्यासम् | सृभ्यास्व | सृभ्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | असर्भीत्, असर्भीद् | असर्भिष्टाम् | असर्भिषुः |
| मध्यमपुरुषः | असर्भीः | असर्भिष्टम् | असर्भिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | असर्भिषम् | असर्भिष्व | असर्भिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | असर्भिष्यत्, असर्भिष्यद् | असर्भिष्यताम् | असर्भिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | असर्भिष्यः | असर्भिष्यतम् | असर्भिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | असर्भिष्यम् | असर्भिष्याव | असर्भिष्याम |
विचाराः (Your Thoughts)
स्वविचारान् लिखतु (Write your thoughts below)
Loading comment access...