संस्कृत धातुरूप - तञ्च् (Samskrit Dhaturoop - ta~nch)
तञ्च्
अर्थः (Hindi): जाना
Meaning (English): to go
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | तञ्चति | तञ्चतः | तञ्चन्ति |
| मध्यमपुरुषः | तञ्चसि | तञ्चथः | तञ्चथ |
| उत्तमपुरुषः | तञ्चामि | तञ्चावः | तञ्चामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | ततञ्च | ततञ्चतुः | ततञ्चुः |
| मध्यमपुरुषः | ततञ्चिथ | ततञ्चथुः | ततञ्च |
| उत्तमपुरुषः | ततञ्च | ततञ्चिव | ततञ्चिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | तञ्चिता | तञ्चितारौ | तञ्चितारः |
| मध्यमपुरुषः | तञ्चितासि | तञ्चितास्थः | तञ्चितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | तञ्चितास्मि | तञ्चितास्वः | तञ्चितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | तञ्चिष्यति | तञ्चिष्यतः | तञ्चिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | तञ्चिष्यसि | तञ्चिष्यथः | तञ्चिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | तञ्चिष्यामि | तञ्चिष्यावः | तञ्चिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | तञ्चतात्, तञ्चताद्, तञ्चतु | तञ्चताम् | तञ्चन्तु |
| मध्यमपुरुषः | तञ्च, तञ्चतात्, तञ्चताद् | तञ्चतम् | तञ्चत |
| उत्तमपुरुषः | तञ्चानि | तञ्चाव | तञ्चाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अतञ्चत्, अतञ्चद् | अतञ्चताम् | अतञ्चन् |
| मध्यमपुरुषः | अतञ्चः | अतञ्चतम् | अतञ्चत |
| उत्तमपुरुषः | अतञ्चम् | अतञ्चाव | अतञ्चाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | तञ्चेत्, तञ्चेद् | तञ्चेताम् | तञ्चेयुः |
| मध्यमपुरुषः | तञ्चेः | तञ्चेतम् | तञ्चेत |
| उत्तमपुरुषः | तञ्चेयम् | तञ्चेव | तञ्चेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | तच्यात्, तच्याद् | तच्यास्ताम् | तच्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | तच्याः | तच्यास्तम् | तच्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | तच्यासम् | तच्यास्व | तच्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अतञ्चीत्, अतञ्चीद् | अतञ्चिष्टाम् | अतञ्चिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अतञ्चीः | अतञ्चिष्टम् | अतञ्चिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अतञ्चिषम् | अतञ्चिष्व | अतञ्चिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अतञ्चिष्यत्, अतञ्चिष्यद् | अतञ्चिष्यताम् | अतञ्चिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अतञ्चिष्यः | अतञ्चिष्यतम् | अतञ्चिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अतञ्चिष्यम् | अतञ्चिष्याव | अतञ्चिष्याम |
विचाराः (Your Thoughts)
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