संस्कृत धातुरूप - उम्भ् (Samskrit Dhaturoop - umbh)
उम्भ्
अर्थः (Hindi): भरना
Meaning (English): to fill
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | उम्भति | उम्भतः | उम्भन्ति |
| मध्यमपुरुषः | उम्भसि | उम्भथः | उम्भथ |
| उत्तमपुरुषः | उम्भामि | उम्भावः | उम्भामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | उम्भाञ्चकार, उम्भामास, उम्भाम्बभूव | उम्भाञ्चक्रतुः, उम्भामासतुः, उम्भाम्बभूवतुः | उम्भाञ्चक्रुः, उम्भामासुः, उम्भाम्बभूवुः |
| मध्यमपुरुषः | उम्भाञ्चकर्थ, उम्भामासिथ, उम्भाम्बभूविथ | उम्भाञ्चक्रथुः, उम्भामासथुः, उम्भाम्बभूवथुः | उम्भाञ्चक्र, उम्भामास, उम्भाम्बभूव |
| उत्तमपुरुषः | उम्भाञ्चकर, उम्भाञ्चकार, उम्भामास, उम्भाम्बभूव | उम्भाञ्चकृव, उम्भामासिव, उम्भाम्बभूविव | उम्भाञ्चकृम, उम्भामासिम, उम्भाम्बभूविम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | उम्भिता | उम्भितारौ | उम्भितारः |
| मध्यमपुरुषः | उम्भितासि | उम्भितास्थः | उम्भितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | उम्भितास्मि | उम्भितास्वः | उम्भितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | उम्भिष्यति | उम्भिष्यतः | उम्भिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | उम्भिष्यसि | उम्भिष्यथः | उम्भिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | उम्भिष्यामि | उम्भिष्यावः | उम्भिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | उम्भतात्, उम्भताद्, उम्भतु | उम्भताम् | उम्भन्तु |
| मध्यमपुरुषः | उम्भ, उम्भतात्, उम्भताद् | उम्भतम् | उम्भत |
| उत्तमपुरुषः | उम्भानि | उम्भाव | उम्भाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | औम्भत्, औम्भद् | औम्भताम् | औम्भन् |
| मध्यमपुरुषः | औम्भः | औम्भतम् | औम्भत |
| उत्तमपुरुषः | औम्भम् | औम्भाव | औम्भाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | उम्भेत्, उम्भेद् | उम्भेताम् | उम्भेयुः |
| मध्यमपुरुषः | उम्भेः | उम्भेतम् | उम्भेत |
| उत्तमपुरुषः | उम्भेयम् | उम्भेव | उम्भेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | उभ्यात्, उभ्याद् | उभ्यास्ताम् | उभ्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | उभ्याः | उभ्यास्तम् | उभ्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | उभ्यासम् | उभ्यास्व | उभ्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | औम्भीत्, औम्भीद् | औम्भिष्टाम् | औम्भिषुः |
| मध्यमपुरुषः | औम्भीः | औम्भिष्टम् | औम्भिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | औम्भिषम् | औम्भिष्व | औम्भिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | औम्भिष्यत्, औम्भिष्यद् | औम्भिष्यताम् | औम्भिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | औम्भिष्यः | औम्भिष्यतम् | औम्भिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | औम्भिष्यम् | औम्भिष्याव | औम्भिष्याम |
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