संस्कृत धातुरूप - वेस् (Samskrit Dhaturoop - ves)
वेस्
अर्थः (Hindi): जाना
Meaning (English): to go
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | वेसति | वेसतः | वेसन्ति |
| मध्यमपुरुषः | वेससि | वेसथः | वेसथ |
| उत्तमपुरुषः | वेसामि | वेसावः | वेसामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | विवेस | विवेसतुः | विवेसुः |
| मध्यमपुरुषः | विवेसिथ | विवेसथुः | विवेस |
| उत्तमपुरुषः | विवेस | विवेसिव | विवेसिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | वेसिता | वेसितारौ | वेसितारः |
| मध्यमपुरुषः | वेसितासि | वेसितास्थः | वेसितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | वेसितास्मि | वेसितास्वः | वेसितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | वेसिष्यति | वेसिष्यतः | वेसिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | वेसिष्यसि | वेसिष्यथः | वेसिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | वेसिष्यामि | वेसिष्यावः | वेसिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | वेसतात्, वेसताद्, वेसतु | वेसताम् | वेसन्तु |
| मध्यमपुरुषः | वेस, वेसतात्, वेसताद् | वेसतम् | वेसत |
| उत्तमपुरुषः | वेसानि | वेसाव | वेसाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अवेसत्, अवेसद् | अवेसताम् | अवेसन् |
| मध्यमपुरुषः | अवेसः | अवेसतम् | अवेसत |
| उत्तमपुरुषः | अवेसम् | अवेसाव | अवेसाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | वेसेत्, वेसेद् | वेसेताम् | वेसेयुः |
| मध्यमपुरुषः | वेसेः | वेसेतम् | वेसेत |
| उत्तमपुरुषः | वेसेयम् | वेसेव | वेसेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | वेस्यात्, वेस्याद् | वेस्यास्ताम् | वेस्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | वेस्याः | वेस्यास्तम् | वेस्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | वेस्यासम् | वेस्यास्व | वेस्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अवेसीत्, अवेसीद् | अवेसिष्टाम् | अवेसिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अवेसीः | अवेसिष्टम् | अवेसिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अवेसिषम् | अवेसिष्व | अवेसिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अवेसिष्यत्, अवेसिष्यद् | अवेसिष्यताम् | अवेसिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अवेसिष्यः | अवेसिष्यतम् | अवेसिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अवेसिष्यम् | अवेसिष्याव | अवेसिष्याम |
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