संस्कृत धातुरूप - विध् (Samskrit Dhaturoop - vidh)
विध्
अर्थः (Hindi): विधान करना, नियम बनाना
Meaning (English): to mention, to make a rule, to state
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | विधति | विधतः | विधन्ति |
| मध्यमपुरुषः | विधसि | विधथः | विधथ |
| उत्तमपुरुषः | विधामि | विधावः | विधामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | विवेध | विविधतुः | विविधुः |
| मध्यमपुरुषः | विवेधिथ | विविधथुः | विविध |
| उत्तमपुरुषः | विवेध | विविधिव | विविधिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | वेधिता | वेधितारौ | वेधितारः |
| मध्यमपुरुषः | वेधितासि | वेधितास्थः | वेधितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | वेधितास्मि | वेधितास्वः | वेधितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | वेधिष्यति | वेधिष्यतः | वेधिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | वेधिष्यसि | वेधिष्यथः | वेधिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | वेधिष्यामि | वेधिष्यावः | वेधिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | विधतात्, विधताद्, विधतु | विधताम् | विधन्तु |
| मध्यमपुरुषः | विध, विधतात्, विधताद् | विधतम् | विधत |
| उत्तमपुरुषः | विधानि | विधाव | विधाम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अविधत्, अविधद् | अविधताम् | अविधन् |
| मध्यमपुरुषः | अविधः | अविधतम् | अविधत |
| उत्तमपुरुषः | अविधम् | अविधाव | अविधाम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | विधेत्, विधेद् | विधेताम् | विधेयुः |
| मध्यमपुरुषः | विधेः | विधेतम् | विधेत |
| उत्तमपुरुषः | विधेयम् | विधेव | विधेम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | विध्यात्, विध्याद् | विध्यास्ताम् | विध्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | विध्याः | विध्यास्तम् | विध्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | विध्यासम् | विध्यास्व | विध्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अवेधीत्, अवेधीद् | अवेधिष्टाम् | अवेधिषुः |
| मध्यमपुरुषः | अवेधीः | अवेधिष्टम् | अवेधिष्ट |
| उत्तमपुरुषः | अवेधिषम् | अवेधिष्व | अवेधिष्म |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अवेधिष्यत्, अवेधिष्यद् | अवेधिष्यताम् | अवेधिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अवेधिष्यः | अवेधिष्यतम् | अवेधिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अवेधिष्यम् | अवेधिष्याव | अवेधिष्याम |
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