संस्कृत धातुरूप - व्युस् (Samskrit Dhaturoop - vyus)
व्युस्
अर्थः (Hindi): फाड़ना, विभाजित करना, अलग करना, जलाना, तलना
Meaning (English): to split, to divide, to separate, to partition, to burn, to fry
लट्लकारः (परस्मैपदम्)वर्तमानार्थे लट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | व्युस्यति | व्युस्यतः | व्युस्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | व्युस्यसि | व्युस्यथः | व्युस्यथ |
| उत्तमपुरुषः | व्युस्यामि | व्युस्यावः | व्युस्यामः |
लिट्लकारः (परस्मैपदम्)भूतानद्यतनपरोक्षार्थे लिट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | वुव्योस | वुव्युसतुः | वुव्युसुः |
| मध्यमपुरुषः | वुव्योसिथ | वुव्युसथुः | वुव्युस |
| उत्तमपुरुषः | वुव्योस | वुव्युसिव | वुव्युसिम |
लुट्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभविष्यदर्थे लुट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | व्योसिता | व्योसितारौ | व्योसितारः |
| मध्यमपुरुषः | व्योसितासि | व्योसितास्थः | व्योसितास्थ |
| उत्तमपुरुषः | व्योसितास्मि | व्योसितास्वः | व्योसितास्मः |
लृट्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभविष्यदर्थे लृट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | व्योसिष्यति | व्योसिष्यतः | व्योसिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुषः | व्योसिष्यसि | व्योसिष्यथः | व्योसिष्यथ |
| उत्तमपुरुषः | व्योसिष्यामि | व्योसिष्यावः | व्योसिष्यामः |
लोट्लकारः (परस्मैपदम्)आज्ञाद्यर्थेषु लोट्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | व्युस्यतात्, व्युस्यताद्, व्युस्यतु | व्युस्यताम् | व्युस्यन्तु |
| मध्यमपुरुषः | व्युस्य, व्युस्यतात्, व्युस्यताद् | व्युस्यतम् | व्युस्यत |
| उत्तमपुरुषः | व्युस्यानि | व्युस्याव | व्युस्याम |
लङ्लकारः (परस्मैपदम्)अनद्यतनभूतार्थे लङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अव्युस्यत्, अव्युस्यद् | अव्युस्यताम् | अव्युस्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अव्युस्यः | अव्युस्यतम् | अव्युस्यत |
| उत्तमपुरुषः | अव्युस्यम् | अव्युस्याव | अव्युस्याम |
विधिलिङ्लकारः (परस्मैपदम्)विधिनिमन्त्रणाद्यर्थेषु विधिलिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | व्युस्येत्, व्युस्येद् | व्युस्येताम् | व्युस्येयुः |
| मध्यमपुरुषः | व्युस्येः | व्युस्येतम् | व्युस्येत |
| उत्तमपुरुषः | व्युस्येयम् | व्युस्येव | व्युस्येम |
आशीर्लिङ्लकारः (परस्मैपदम्)आशीर्वादार्थे आशीर्लिङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | व्युस्यात्, व्युस्याद् | व्युस्यास्ताम् | व्युस्यासुः |
| मध्यमपुरुषः | व्युस्याः | व्युस्यास्तम् | व्युस्यास्त |
| उत्तमपुरुषः | व्युस्यासम् | व्युस्यास्व | व्युस्यास्म |
लुङ्लकारः (परस्मैपदम्)सामान्यभूतार्थे लुङ्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अव्युसत्, अव्युसद् | अव्युसताम् | अव्युसन् |
| मध्यमपुरुषः | अव्युसः | अव्युसतम् | अव्युसत |
| उत्तमपुरुषः | अव्युसम् | अव्युसाव | अव्युसाम |
लृङ्लकारः (परस्मैपदम्)हेतुहेतुमद्भावादि लिङ्निमित्तं तत्र भविष्यदर्थे लृङ् क्रियातिपत्तौ
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुषः | अव्योसिष्यत्, अव्योसिष्यद् | अव्योसिष्यताम् | अव्योसिष्यन् |
| मध्यमपुरुषः | अव्योसिष्यः | अव्योसिष्यतम् | अव्योसिष्यत |
| उत्तमपुरुषः | अव्योसिष्यम् | अव्योसिष्याव | अव्योसिष्याम |
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