संस्कृत शब्दरूप - उष्णिह् (Samskrit Shabdroop - उष्णिह्)
उष्णिह्
षकारान्तः पुंलिङ्गः
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | रत्नमुट् / रत्नमुड् | रत्नमुषौ | रत्नमुषः |
| द्वितीया (to) | रत्नमुषम् | रत्नमुषौ | रत्नमुषः |
| तृतीया (by/with/through) | रत्नमुषा | रत्नमुड्भ्याम् | रत्नमुड्भिः |
| चतुर्थी (to/for) | रत्नमुषे | रत्नमुड्भ्याम् | रत्नमुड्भ्यः |
| पञ्चमी (from) | रत्नमुषः | रत्नमुड्भ्याम् | रत्नमुड्भ्यः |
| षष्ठी (of/'s) | रत्नमुषः | रत्नमुषोः | रत्नमुषाम् |
| सप्तमी (in/on/at/among) | रत्नमुषि | रत्नमुषोः | रत्नमुट्त्सु / रत्नमुट्सु |
| सम्बोधनम् (O!) | हे रत्नमुट्! / हे रत्नमुड्! | हे रत्नमुषौ! | हे रत्नमुषः! |
विचाराः (Your Thoughts)
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