आरम्भः लेखाः क्रीडाः अन्वेषणम् ई-पुस्तकानि चलच्चित्राणि
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सन्देशाः
“वयं तु तं चर्मचक्षुषा द्रष्टुं न शक्नुमः, किन्तु भक्त्या तम् अनुभवामः।” — संस्कृत वाक्य​ का अर्थ (Meaning of the Sanskrit sentence)

वयं तु तं चर्मचक्षुषा द्रष्टुं न शक्नुमः, किन्तु भक्त्या तम् अनुभवामः।

हिन्दी

हम तो उन्हें इन चमड़े की आँखों (भौतिक आँखों) से नहीं देख सकते, किंतु भक्ति से उन्हें अनुभव करते हैं।

English

We cannot see Him with physical eyes, but we experience Him through devotion.



Sentence Discussion

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