“आतपे, वर्षायां, शीते वा सः कदापि न विश्राम्यति।” — संस्कृत वाक्य का अर्थ (Meaning of the Sanskrit sentence)
आतपे, वर्षायां, शीते वा सः कदापि न विश्राम्यति।
हिन्दी
धूप में, बारिश में, ठंड में वह कभी आराम नहीं करते हैं।
English
He never rests, be it in heat, rain, or cold.
Sentence Discussion
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